US Military Attack: अमेरिका ने Strait of Hormuz के पास तबाह किए ईरानी मिसाइल बेस, दुबई में उड़ानें प्रभावित
America की सेना ने Strait of Hormuz के करीब ईरान के मिसाइल ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर इस बड़े हमले की पुष्टि की है. सेना ने 5,000 पाउंड के भारी भरकम बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल कर ईरान के मजबूत एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल बेस को तबाह किया है. इस पूरे घटनाक्रम के कारण यूएई, सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था और अलर्ट के स्तर को बढ़ा दिया गया है.
🚨: Saudi Defense Update: सऊदी सेना ने ईस्टर्न रीजन में तबाह किए 2 ड्रोन, कोई नुकसान नहीं।
हमले के पीछे का कारण और टारगेट
CENTCOM के बयान के मुताबिक, ईरानी मिसाइल साइट्स अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों और व्यापारिक जहाजों के लिए बड़ा खतरा बन रही थीं. समुद्र में यातायात को सुरक्षित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया. 28 फरवरी से शुरू हुए इस ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अब तक पूरे ईरान में 7,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है. इन ठिकानों में मुख्य रूप से ईरान की नौसेना, कमांड सेंटर और खुफिया कार्यालय शामिल हैं.
- हमले में 5,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बम का इस्तेमाल किया गया.
- ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नेवल और मिसाइल यूनिट को टारगेट किया गया.
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि इस सैन्य मिशन में उन्हें नाटो या अन्य देशों की सहायता नहीं चाहिए.
- रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार सेना का लक्ष्य केवल सैन्य ढांचे को तोड़ना है, आम लोगों की बस्तियों को निशाना नहीं बनाया जा रहा है.
खाड़ी देशों और आम लोगों पर असर
इस बड़े सैन्य अभियान का सीधा असर मिडिल ईस्ट के हालातों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर पड़ रहा है. जो भारतीय या अन्य नागरिक काम के सिलसिले में दुबई, कतर या सऊदी अरब में रहते हैं, उनके आसपास के इलाकों में हवाई सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. लगातार बढ़ते तनाव के बीच यूएई और कतर की सेनाओं ने भी अपनी सीमा की तरफ आने वाले कई हवाई खतरों को नष्ट किया है.
- सुरक्षा कारणों से 17 और 18 मार्च की रात दुबई में कुछ समय के लिए एयरस्पेस (Airspace) बंद करना पड़ा.
- यूएई, कतर और सऊदी अरब ने ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट किया है.
- ईरान का दावा है कि Strait of Hormuz अभी खुला है लेकिन वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
- इस पूरे सैन्य अभियान में अब तक 7 अमेरिकी सैनिकों की भी जान गई है.




