Crude Oil Price: क्रूड ऑयल 103 डॉलर के पार, ईरान की धमकी से मचा हड़कंप, दुबई में एक्टिव हुआ एयर डिफेंस
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमतों में भारी उछाल आया है। बुधवार को कच्चे तेल की कीमत 103.45 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में अब पहले जैसे हालात नहीं रहेंगे। इस जलमार्ग के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ रहा है।
ईरान की चेतावनी और तेल के बढ़ते दाम
ईरान के संसदीय अध्यक्ष ने कहा है कि होर्मुज जलमार्ग पर अब कोई सुरक्षा नहीं है और स्थिति युद्ध से पहले जैसी नहीं होगी। इस बयान के बाद 27 फरवरी से अब तक मात्र 17 दिनों में कच्चे तेल के दाम में 41.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसका असर एशियाई और यूरोपीय देशों पर भी दिख रहा है जो ऊर्जा सप्लाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
- कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार बाजार में हर दिन 10 से 12 मिलियन बैरल तेल का नुकसान हो रहा है।
- विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर यह तनाव एक महीने से ज्यादा चला, तो क्रूड ऑयल 120 से 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है।
- पूरी दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है।
दुबई और UAE में हालात और नए कदम
इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर भी पड़ रहा है। बुधवार सुबह दुबई में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया, जिसने ईरान की तरफ से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोका। संघर्ष शुरू होने के बाद से UAE अब तक 2,000 से ज्यादा हवाई खतरों का सामना कर चुका है।
ड्रोन हमलों के कारण फुजैरा (Fujairah) बंदरगाह पर कच्चे तेल की लोडिंग रोक दी गई है और शाह गैस फील्ड का काम भी निलंबित कर दिया गया है। क्षेत्रीय बैंकिंग सेक्टर को सुरक्षित रखने के लिए UAE के सेंट्रल बैंक (CBUAE) ने कई नए कदम उठाए हैं ताकि ऊर्जा और सुरक्षा संकट का असर आम लोगों की वित्तीय स्थिति पर ना पड़े।
अमेरिका का एक्शन और परमाणु संयंत्र पर हमला
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के तटीय मिसाइल ठिकानों को नष्ट करने के लिए 5,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बम का इस्तेमाल किया है। अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस तुलसी गबार्ड ने इस सैन्य कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है।
दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने बताया है कि ईरान के बुशहर (Bushehr) परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर में एक प्रोजेक्टाइल गिरा है। हालांकि, इस घटना में संयंत्र को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।




