UAE Airbase Attack: UAE के अल मिनहाद एयरबेस के पास गिरा ईरानी प्रोजेक्टाइल, ऑस्ट्रेलियाई कैंप में लगी आग
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अल मिनहाद एयरबेस के पास 18 मार्च 2026 को एक ईरानी प्रोजेक्टाइल गिरा। इस हमले के बाद सड़क पर हल्की आग लग गई, जिससे वहां मौजूद ऑस्ट्रेलियाई कैंप और मेडिकल सुविधाओं को थोड़ा नुकसान पहुंचा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने खुद इस घटना की पुष्टि की है। राहत की बात यह है कि इस हमले में कोई भी घायल नहीं हुआ और बेस पर मौजूद सभी 100 से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाई जवान पूरी तरह सुरक्षित हैं।
हमले में क्या हुआ और जवान कितने सुरक्षित हैं?
जानकारी के मुताबिक, यह घटना ऑस्ट्रेलियाई समय के अनुसार सुबह करीब 9:15 बजे हुई। अल जज़ीरा की रिपोर्ट और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के बयान के अनुसार, ईरानी प्रोजेक्टाइल एयरबेस की मुख्य सड़क के पास आकर गिरा। इससे वहां छोटी सी आग लग गई।
- हमले में ऑस्ट्रेलियाई जवानों के रहने की जगह और मेडिकल सुविधा वाले हिस्से में मामूली नुकसान हुआ।
- ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (ADF) के 100 से अधिक जवान वहां तैनात हैं और सभी सुरक्षित बताए गए हैं।
- रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने कहा कि फिलहाल जवानों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और बेस की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच की जा रही है।
UAE के इस एयरबेस पर क्यों हुआ हमला?
अल मिनहाद एयरबेस मुख्य रूप से UAE का है, लेकिन साल 2003 से इसे ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका की सेनाएं भी एक लॉजिस्टिक हब के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं। मार्च 2026 की शुरुआत में भी इस बेस को निशाना बनाया गया था, लेकिन तब ऑस्ट्रेलियाई कैंप को कोई नुकसान नहीं हुआ था।
ऑस्ट्रेलिया के पीएम अल्बनीस ने अपने बयान में कहा कि ईरान पूरे क्षेत्र में लगातार हमले कर रहा है। दरअसल, 28 फरवरी 2026 से ईरान पर चल रहे इजरायल-अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान भी इस तरह की जवाबी कार्रवाई कर रहा है। यह घटना गल्फ में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम करने वाले विदेशियों के लिए भी एक चिंता का विषय बनी हुई है।




