ईरान के सबसे बड़े गैस प्लांट South Pars पर हुआ हमला, कच्चे तेल की कीमत पहुंची 100 डॉलर के पार
ईरान से एक बहुत बड़ी खबर आ रही है. ईरान के बुशहर प्रांत में स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस रिजर्व South Pars से जुड़े प्लांट पर हमला किया गया है. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इस इलाके में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है. इस घटना के बाद दुनिया भर में गैस और कच्चे तेल की सप्लाई पर भारी असर पड़ने की आशंका है. कच्चे तेल की कीमत में भी तेजी देखी जा रही है और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है.
हमले में कितना नुकसान हुआ और कौन है जिम्मेदार?
ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA और Mizan के मुताबिक, यह हमला Asaluyeh में स्थित गैस फैसिलिटी पर हुआ है. ईरान ने सीधे तौर पर इस हमले के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार बताया है. अभी तक ईरान की तरफ से यह नहीं बताया गया है कि इस हमले में प्लांट का कितना नुकसान हुआ है या कितने लोगों की जान गई है.
इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने बयान दिया है कि उनके निशाने पर ईरान के कई बड़े अधिकारी हैं. इसी दौरान उन्होंने ईरान के एक बड़े मंत्री के मारे जाने की भी पुष्टि की है. इस क्षेत्रीय युद्ध का असर अमेरिका में भी देखने को मिल रहा है, जहां एक बड़े सुरक्षा अधिकारी Joe Kent ने हमले के विरोध में अपना पद छोड़ दिया है. इसके अलावा इराक ने भी समुद्री रास्ते से बचने के लिए तुर्की के रास्ते अपना तेल भेजना शुरू कर दिया है.
आम आदमी और दुनिया पर इसका क्या असर होगा?
South Pars गैस फील्ड दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार माना जाता है. ईरान अपनी पूरी जरूरत का 70 प्रतिशत गैस इसी जगह से निकालता है. कतर भी इसी फील्ड के एक हिस्से का इस्तेमाल करता है. इस हमले के कारण गैस उत्पादन रुक सकता है जिससे यूरोप और एशिया में गैस की कीमतें बहुत तेजी से ऊपर जा सकती हैं.
क्रूड ऑयल 100 डॉलर के पार होने से भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल के दाम पर सीधा असर देखने को मिल सकता है. गल्फ देशों में काम कर रहे लोगों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि युद्ध के कारण समुद्री रास्तों और फ्लाइट्स के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं. ऊर्जा के दामों में इस उछाल से हर आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है.




