कुवैत के अमीर और जॉर्डन के किंग के बीच हुई अहम बात, ईरान के हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई चर्चा
कुवैत के अमीर महामहिम शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय के बीच फोन पर एक अहम बातचीत हुई है। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को आगामी ईद अल-फितर की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही दोनों देशों के प्रमुखों ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर चर्चा की। यह बातचीत विशेष रूप से कुवैत और जॉर्डन के क्षेत्रों को निशाना बनाकर किए गए हालिया ईरानी हमलों के बाद के हालातों को लेकर की गई।
कुवैत और जॉर्डन पर हुए हमलों का सीधा असर
आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत और जॉर्डन के क्षेत्रों पर हाल ही में ड्रोन और मिसाइल के जरिए हमले किए गए। इन हमलों से दोनों देशों में नुकसान की खबरे हैं और इसे लेकर क्षेत्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। कुवैत में इन हमलों ने सैन्य ठिकानों के साथ-साथ कई जरूरी नागरिक सुविधाओं को भी निशाना बनाया।
- कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और उसके फ्यूल टैंक को निशाना बनाया गया।
- पब्लिक इंस्टीटूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी के मुख्यालय पर भी हमला हुआ।
- इन हमलों के कारण मलबे की चपेट में आने से एक 11 साल की बच्ची की जान चली गई।
- देश के एयरस्पेस की रक्षा करते हुए कुछ नौसेना अधिकारियों की भी मौत हुई।
जॉर्डन ने भी अपने एयरस्पेस में घुसपैठ और अपनी सीमा के अंदर हुए हमलों की पुष्टि की है। इसके बाद से ही क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार उच्च स्तरीय कूटनीतिक बातचीत जारी है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत कुवैत का आत्मरक्षा का कदम
सुरक्षा को लेकर कुवैत ने UN सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) को आधिकारिक पत्र लिखकर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपने आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग किया है। दोनों नेताओं ने बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का साफ तौर पर उल्लंघन हैं और देशों की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए।
मार्च में पास हुए UNSC रेजोल्यूशन 2817 के जरिए भी GCC देशों और जॉर्डन पर हुए इन हमलों की निंदा की गई है। जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने तनाव कम करने और आम नागरिकों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने भी इन घटनाओं को खतरनाक बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस तरह की आक्रामकता को रोकने की अपील की है।




