Egypt Govt New Policy: मिस्र सरकार का बड़ा फैसला, खाड़ी देशों का अपमान करने वालों को मिलेगी सख्त सजा
मिस्र सरकार ने खाड़ी देशों के समर्थन में एक सख्त कदम उठाया है। 18 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से ऐलान किया गया कि उन सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो अरब खाड़ी देशों का अपमान करते हैं। इसके साथ ही जो लोग ईरानी हमलों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें भी सजा दी जाएगी। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी देशों की सुरक्षा मिस्र की राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है और यह एक रेड लाइन है।
किन लोगों पर होगी कार्रवाई?
मिस्र सरकार की इस नई नीति के तहत कई लोगों पर नजर रखी जा रही है। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन और साइबर क्राइम यूनिट्स को इस काम में लगाया गया है। मुख्य रूप से इन लोगों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा:
- बुद्धिजीवी और लेखक: जो लोग खाड़ी देशों की संप्रभुता पर हो रहे हमलों को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
- पत्रकार और एंकर: जो किसी भी सरकारी या प्राइवेट मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके विवाद पैदा कर रहे हैं।
- सोशल मीडिया Influencers: जो X, TikTok या अन्य किसी प्लेटफॉर्म पर अफवाहें फैला रहे हैं और मिस्र-खाड़ी गठबंधन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
क्या है सजा का प्रावधान और नियम?
मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती ने हाल ही में सऊदी अरब, कुवैत और यूएई का दौरा किया था। इसके बाद रियाद में हुई मीटिंग में अरब सुरक्षा के लिए एक नया ढांचा तैयार किया गया। फरवरी 2026 के अंत में सऊदी अरब के अल-खर्ज, यूएई, बहरीन और कतर में हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यह फैसला लिया गया है। मिस्र की सरकार 1950 की अरब संधि और संयुक्त रक्षा समझौते के तहत यह कार्रवाई कर रही है।
इस फैसले को लागू करने के लिए सरकार मौजूदा साइबर क्राइम कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों का इस्तेमाल कर रही है। अगर कोई व्यक्ति इन देशों के खिलाफ गलत जानकारी फैलाता हुआ पाया जाता है, तो उसे भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। इसके अलावा पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। गंभीर मामलों में क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पहुंचाने वाले दोषियों को जेल भी भेजा जा सकता है।




