Qatar on Israel Attack: कतर ने ईरान के गैस फील्ड पर इस्राइल के हमले की निंदा की, बताया ‘खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना’
कतर (Qatar) ने ईरान (Iran) के साउथ पार्स गैस फील्ड (South Pars gas field) से जुड़ी सुविधाओं पर इस्राइल (Israel) के हमले की कड़ी निंदा की है। कतर सरकार ने इसे एक बहुत ही खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया है। मौजूदा समय में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच इस हमले ने ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
क्या है पूरा मामला और कतर ने क्या कहा?
हाल ही में इस्राइली एयरफोर्स ने ईरान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में मौजूद एक नेचुरल गैस प्रोसेसिंग फैसिलिटी पर हमला किया था। यह हमला साउथ पार्स गैस फील्ड के एक हिस्से पर हुआ था। इस घटना के तुरंत बाद कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि साउथ पार्स फील्ड कतर के अपने ‘नॉर्थ गैस फील्ड’ का ही एक विस्तार है, जो पूरी दुनिया में ऊर्जा सप्लाई का एक बड़ा केंद्र है।
कतर ने चेतावनी दी है कि एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (Energy Infrastructure) को निशाना बनाने से न केवल दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा मंडराता है, बल्कि यह उस क्षेत्र के लोगों और पर्यावरण के लिए भी बेहद नुकसानदायक है। कतर ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि इलाके में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता कायम रहे।
इस्राइल के इस हमले का क्या होगा असर?
यह पहली बार है जब इस्राइल ने ईरान के अंदर सीधे नेचुरल गैस की सुविधाओं को निशाना बनाया है। बुशहर (Bushehr) प्रांत के एक ईरानी अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि साउथ पार्स एनर्जी जोन में कुछ गैस सुविधाओं पर हमले हुए हैं। इस घटना के बाद खाड़ी देशों (Gulf countries) में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम करने वाले भारतीयों की भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि अगर तनाव बढ़ता है तो इसका असर तेल और गैस की कीमतों के साथ-साथ वहां के रोज़गार पर भी पड़ सकता है।
अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर भी इसका दबाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल दुनिया भर की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि इस्राइल और ईरान के बीच यह तनाव आगे क्या मोड़ लेता है। कतर जैसी अहम ताकतें मामले को शांत करने की पूरी कोशिश कर रही हैं और सभी देशों से संयम बरतने को कहा है।




