Kuwait Meat Price: कुवैत में गोश्त की कीमतों में 30% का उछाल, सरकार ने रेट कंट्रोल करने के लिए जारी किया नया आदेश
Kuwait में मांस की कीमतों में अचानक 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और Strait of Hormuz का बंद होना बताया जा रहा है। जानवरों के चारे की कमी की वजह से सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है जिससे आम जनता और वहां रहने वाले प्रवासियों की जेब पर बोझ बढ़ गया है।
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री Osama Boodai ने एक मंत्रालयिक डिक्री जारी की है जिसमें सभी खाद्य वस्तुओं की अधिकतम कीमतें तय कर दी गई हैं। नए नियम के अनुसार, 28 फरवरी 2026 से पहले जो कीमतें बाजार में थीं, उन्हें ही अधिकतम सीमा माना जाएगा। किसी भी कीमत को बढ़ाने के लिए अब सरकार से विशेष अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानून संख्या 10 (1979) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- मंत्रालय ने Hawalli Governorate में चेकिंग के दौरान 13 दुकानों पर जुर्माना लगाया है।
- 5 खाद्य प्रतिष्ठानों को सड़ा हुआ मांस बेचने और फ्रोजन मीट को ताजा बताकर बेचने के आरोप में सील कर दिया गया है।
- उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर जरूरी सामानों की कीमतों की तुलना कर सकते हैं।
मीट और चारे की कीमतों में बढ़ोतरी के मुख्य कारण क्या हैं?
FAO की रिपोर्ट के अनुसार, Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही 90 फीसदी तक कम हो गई है जिससे कुवैत जैसे देशों में आयात होने वाले सामान की लागत बढ़ गई है। कुवैत अपनी जरूरत का 70 से 90 फीसदी खाना दूसरे देशों से मंगवाता है, इसलिए समुद्री रास्ते में रुकावट का सीधा असर यहां की मार्केट पर पड़ता है।
| कारण | विवरण |
|---|---|
| एयर फ्रेट चार्ज | केन्या से आने वाले मांस का किराया $1.50 से बढ़कर $3.50 प्रति किलो हुआ |
| ईंधन संकट | एनर्जी की कीमतों में बदलाव से खाद और खेती की लागत बढ़ी |
| सप्लाई चेन | क्षेत्रीय तनाव के कारण समुद्री और हवाई रास्तों में देरी |
क्या कुवैत में खाने-पीने के सामान की भारी कमी होगी?
Public Authority for Agricultural Affairs and Fish Resources के महानिदेशक Salem Al-Hai ने जनता को भरोसा दिलाया है कि कुवैत की खाद्य सुरक्षा फिलहाल स्थिर है। मछली, मुर्गी और अंडों का उत्पादन सामान्य है और बाजार में इनकी कोई कमी नहीं होगी। डॉक्टर Reem Al-Faleej के निर्देशों के तहत एक इमरजेंसी प्लान एक्टिव किया गया है ताकि किसी भी संकट से निपटा जा सके। सरकार लगातार बाजारों की निगरानी कर रही है ताकि कोई भी व्यापारी मजबूरी का फायदा उठाकर अधिक दाम न वसूल सके।




