Saudi Arabia New Alert: रियाद में सुनाई दी धमाकों की आवाज, लोगों के फोन पर आया इमरजेंसी मैसेज
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 18 मार्च 2026 को उस समय हलचल तेज हो गई जब निवासियों को उनके मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट मिले। इस अलर्ट में बाहरी हवाई हमलों की चेतावनी दी गई थी। रियाद में रह रहे प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों ने शहर के आसमान में तेज धमाकों की आवाजें सुनीं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया ताकि दुश्मन के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।
मोबाइल अलर्ट में क्या हिदायत दी गई थी?
सऊदी सिविल डिफेंस ने मोबाइल पर अरबी और इंग्लिश में संदेश भेजकर लोगों को सचेत किया। इस संदेश में साफ तौर पर कहा गया कि इलाका हवाई खतरे की चपेट में है। प्रशासन ने लोगों को शांत रहने और अपने घरों के भीतर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी। खासकर खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहने को कहा गया ताकि किसी भी संभावित कांच टूटने या मलबे से बचा जा सके।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया कि हमला खत्म होने के बाद भी लोग उन जगहों पर न जाएं जहां मिसाइल या ड्रोन का मलबा गिरा हो। यह सुरक्षा के लिहाज से बहुत जरूरी था क्योंकि मलबे में विस्फोटक सामग्री हो सकती थी। रियाद में बड़ी संख्या में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह चिंता भरा अनुभव था लेकिन एयर डिफेंस की मुस्तैदी ने बड़ा नुकसान टाल दिया।
रक्षा मंत्रालय ने किन हमलों की पुष्टि की?
मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने बताया कि सऊदी सेना ने एक साथ कई खतरों का सामना किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार रियाद और पूर्वी प्रांत की ओर भेजे गए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। 18 मार्च को हुई इस कार्रवाई का विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| खतरे का प्रकार | संख्या | प्रभावित इलाका |
|---|---|---|
| ड्रोन (Drones) | 3 | पूर्वी प्रांत, डिप्लोमैटिक क्वार्टर और रियाद |
| बैलिस्टिक मिसाइल | 2 | पूर्वी क्षेत्र (Eastern Region) |
| डिप्लोमैटिक क्वार्टर ड्रोन | 2 | रियाद (Diplomatic Quarter) |
यह हमले ईरान द्वारा दी गई हालिया धमकियों के बाद हुए हैं जिसमें खाड़ी देशों के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर के पास भी दो ड्रोनों को मार गिराना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और एयर डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट पर रखा गया है।




