West Asia Crisis: गल्फ देशों में भारतीयों की मदद के लिए 24 घंटे खुले हैं भारतीय दूतावास, जारी हुई नई एडवाइजरी
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच भारत सरकार ने गल्फ देशों में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए बड़ी तैयारी की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को जानकारी दी कि क्षेत्र के सभी भारतीय मिशन और दूतावास अब 24 घंटे काम कर रहे हैं। अधिकारी लगातार भारतीय समुदायों और संगठनों के संपर्क में हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों तक तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
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भारतीयों की सुरक्षा के लिए उठाए गए जरूरी कदम
विदेश मंत्रालय ने हालात की निगरानी के लिए एक स्पेशल कंट्रोल रूम तैयार किया है जो प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के सवालों के जवाब दे रहा है। इसके साथ ही सभी भारतीय दूतावासों में 24×7 हेल्पलाइन नंबर शुरू किए गए हैं।
- भारतीय मिशन लगातार नई एडवाइजरी जारी कर रहे हैं ताकि लोग अपडेट रहें।
- Directorate General of Shipping ने नाविकों के लिए एक क्विक रिस्पांस टीम बनाई है।
- भारतीय नागरिकों को स्थानीय अधिकारियों और दूतावास के नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।
- दूतावासों ने UAE से Oman और Qatar से Saudi Arabia जैसे देशों के बीच सीमा पार करने की सुविधा भी दी है।
- हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद यात्रियों की वापसी के लिए कमर्शियल फ्लाइट्स को मंजूरी दी गई है।
छात्रों की सुरक्षा और वतन वापसी का ताज़ा डेटा
गल्फ क्षेत्र में रहने वाले भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी असीम आर महाजन के अनुसार मिशन सीधे स्कूलों और CBSE के संपर्क में हैं। संकट के कारण ICSE और केरल बोर्ड ने क्षेत्र में परीक्षाएं रद्द कर दी हैं जिसके नंबरों का फैसला बाद में किया जाएगा।
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
|---|---|
| सुरक्षित वापस लौटे भारतीय (1-7 मार्च) | 52,000 से अधिक |
| कुल वापसी (9 मार्च तक) | लगभग 67,000 |
| ईरान से आर्मेनिया पहुंचे भारतीय | 170 नागरिक |
| हेल्पलाइन की स्थिति | कॉल्स और पूछताछ में कमी दर्ज |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से भी बात की है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। सरकार ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए तनाव कम करने की अपील की है। फिलहाल ईरान के तेहरान से भारतीय छात्रों को दूसरे सुरक्षित शहरों में शिफ्ट करने का काम भी किया गया है।




