Qatar-France Talk: कतर के रास लफान हमले पर अमीर और मैक्रॉन की बात, दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर बढ़ा खतरा
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ फोन पर बातचीत की है। इस चर्चा के दौरान कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए हालिया हमलों और क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर विस्तार से बात हुई। कतर के अमीरी दीवान ने बताया कि यह हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई व्यवस्था को भी गंभीर संकट में डालते हैं।
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रास लफान हमले में क्या हुआ और कतर की क्या प्रतिक्रिया है?
कतर एनर्जी ने पुष्टि की है कि 18 और 19 मार्च को रास लफान की गैस सुविधाओं पर मिसाइल हमले हुए। इन हमलों के कारण एलएनजी (LNG) प्लांट में कई जगहों पर भीषण आग लगी और काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले के पीछे ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों का हाथ होने की पुष्टि की है। कतर के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि सभी आग पर काबू पा लिया गया है और इस घटना में कोई भी कर्मचारी हताहत नहीं हुआ है। अमीर ने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण ठिकानों पर इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय शांति को भंग करते हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।
इस घटना पर दुनिया के अन्य देशों ने क्या कहा?
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने ऊर्जा और पानी की सुविधाओं जैसे नागरिक ठिकानों पर हमलों को रोकने पर जोर दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी चर्चा की है। इसके अलावा, अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर दोबारा हमला हुआ तो ईरान के गैस क्षेत्र पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। भारत, पाकिस्तान, सऊदी अरब और यूएई सहित 12 देशों ने एक साझा बयान जारी कर ईरान से इन हमलों को रोकने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों में बाधा न डालने की अपील की है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक खतरनाक संकेत बताया है।




