Iran Strait of Hormuz Rules: जलडमरूमध्य में जहाजों पर टोल टैक्स लगाएगा ईरान, समुद्री रास्ते पर नया नियम लागू करने की तैयारी
ईरान सरकार Strait of Hormuz के जरिए गुजरने वाले समुद्री जहाजों के लिए नए नियम बनाने की तैयारी में है। मिली जानकारी के अनुसार ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर ट्रांजिट फीस या टोल टैक्स लगाने पर विचार कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस रास्ते को बंद किए जाने की संभावना पर चिंता जताई और कहा कि इससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है।
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ईरान के इस फैसले से समुद्री यातायात पर क्या असर होगा?
ईरान के इस कदम का मकसद समुद्री सीमा पर अपना नियंत्रण बढ़ाना बताया जा रहा है। नए नियमों के तहत कमर्शियल जहाजों को इस रास्ते से गुजरने के लिए भारी भुगतान करना पड़ सकता है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामनेई ने इस जलडमरूमध्य को अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ दबाव बनाने का एक माध्यम बताया। यदि यह नियम लागू होता है, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई चेन में काफी मुश्किलें आने की संभावना है।
क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति और अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी सेना Strait of Hormuz में ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को कम करने के लिए ऑपरेशन चला रही है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक ईरान के लगभग 120 जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया है। इस तनाव के बीच कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के ऊर्जा केंद्रों पर भी हमले हुए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि यदि उनके बुनियादी ढांचे पर फिर से हमला हुआ, तो वे कोई नरमी नहीं बरतेंगे।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
Strait of Hormuz में तनाव और नए टैक्स लगने से खाड़ी देशों में ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ सकती है। इसका सीधा असर वहां काम कर रहे भारतीय प्रवासियों पर पड़ सकता है क्योंकि इससे दैनिक जीवन की वस्तुओं में महंगाई बढ़ने की संभावना है। तेल और गैस के निर्यात में रुकावट आने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा, जिससे नौकरी और व्यापार के माहौल में अनिश्चितता पैदा हो सकती है। खाड़ी में रहने वाले लोगों को अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में होने वाले बदलावों पर नजर रखने की जरूरत है।




