Saudi Arabia Eid Update: किंग और क्राउन प्रिंस ने प्रवासियों को दी ईद की मुबारकबाद, मस्जिदों के लिए जारी हुए नए नियम
सऊदी अरब में ईद अल-फितर 2026 का त्यौहार पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास अवसर पर सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने देश के नागरिकों के साथ-साथ वहां रहने वाले प्रवासियों (Expats) को भी ईद की मुबारकबाद दी है। किंग सलमान का संदेश मीडिया मंत्री सलमान अल-दोसारी के माध्यम से जारी किया गया, जिसमें उन्होंने दुनिया भर के मुस्लिमों के लिए शांति और समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने मस्जिदों में नमाज और अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश भी लागू किए हैं।
मस्जिदों में नमाज के लिए जारी हुई नई गाइडलाइंस
सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने मस्जिदों के संचालन को लेकर कड़े नियम बनाए हैं। इनका उद्देश्य नमाजियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मस्जिदों के भीतर किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- मस्जिदों में प्रार्थना की जगह को रिजर्व करने के लिए चटाई या कालीन रखना अब प्रतिबंधित है।
- नमाज के लिए आने वाले पहले व्यक्ति का उस जगह पर पहला हक माना जाएगा।
- अज़ान और नमाज़ के बीच 15 मिनट का समय अंतराल रखना अनिवार्य किया गया है।
- मस्जिद के अंदर नमाज़ की फिल्मिंग करना या उसे लाइव ब्रॉडकास्ट करना पूरी तरह मना है।
- मस्जिद परिसर के अंदर नकद दान इकट्ठा करने या भीख मांगने पर सख्त पाबंदी है।
ईद की छुट्टियां और आधिकारिक कार्यक्रम
सऊदी अरब में इस बार ईद की शुरुआत 20 मार्च 2026 से हुई। सरकार ने प्रवासियों और स्थानीय कर्मचारियों के लिए छुट्टियों का शेड्यूल पहले ही जारी कर दिया था ताकि लोग अपनी योजनाएं बना सकें।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| ईद अल-फितर तिथि | 20 मार्च 2026 |
| प्राइवेट सेक्टर की छुट्टी | 18 मार्च से शुरू होकर 4 दिनों तक |
| क्राउन प्रिंस की नमाज | मक्का की ग्रैंड मस्जिद में अदा की गई |
| किंग का संदेश | शांति, सुरक्षा और समृद्धि की प्रार्थना |
मंत्रालय ने सभी नमाजियों को सलाह दी है कि वे ईद की नमाज के लिए समय से पहले मस्जिद पहुंचें। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने मक्का की ग्रैंड मस्जिद में नमाज अदा की, जबकि अन्य वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने भी प्रमुख मस्जिदों में सामूहिक प्रार्थना में हिस्सा लिया। इफ्तार के आयोजन के लिए भी निर्देश दिए गए थे कि भोजन केवल निर्दिष्ट आंगन में परोसा जाए और तुरंत सफाई की जाए।




