European Union का बड़ा बयान: ईरान के हमलों की कड़ी निंदा, खाड़ी देशों की सुरक्षा पर जताई चिंता
यूरोपीय संघ के नेताओं ने ईरान द्वारा विभिन्न देशों पर किए गए सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है। ब्रुसेल्स में हुई बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति वैश्विक शांति के लिए खतरा है। यूरोपीय नेताओं ने ऊर्जा और पानी की सुविधाओं को निशाना बनाने पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है ताकि आम जनता को नुकसान न हो। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की अपील की है।
ईरान के हमलों का खाड़ी देशों और व्यापार पर क्या असर पड़ा?
यूरोपीय काउंसिल ने बताया कि ऊर्जा और पानी से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमलों से आर्थिक स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है। कतर के ऊर्जा मंत्री के अनुसार, इन हमलों की वजह से गैस निर्यात क्षमता में 17 प्रतिशत की कमी आई है। इसके अलावा, Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से दुनिया भर के व्यापार पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों ने साझा बयान जारी कर ईरान की इन कार्रवाइयों को गलत ठहराया है।
UAE की सुरक्षा व्यवस्था और अब तक की कार्रवाई
UAE ने अपनी सुरक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। पिछले 24 से 48 घंटों में UAE ने 7 बैलिस्टिक मिसाइलों और 15 ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है। हमलों की शुरुआत से अब तक की सुरक्षा रिपोर्ट इस प्रकार है:
| हथियार का प्रकार | कुल इंटरसेप्ट किए गए |
|---|---|
| Ballistic Missiles | 334 |
| UAVs (Drones) | 1,714 |
| Cruise Missiles | 15 |
UAE के सुरक्षा विभाग ने एक ऐसे नेटवर्क को भी पकड़ा है जो कथित तौर पर बाहरी समर्थन से देश में अवैध गतिविधियां चला रहा था। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद और मिस्र के राष्ट्रपति एल सिसी ने भी बैठक कर तनाव कम करने और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया है।




