Afghanistan Hospital Attack: पाकिस्तान के हवाई हमले में 400 की मौत, भारत ने जताया कड़ा विरोध
16 मार्च 2026 को काबुल में एक दर्दनाक घटना हुई जहाँ पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमले ने भारी तबाही मचाई। काबुल स्थित ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल और एक पुनर्वास केंद्र पर हुए इस हमले में 400 से अधिक लोगों की जान चली गई। भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे पूरी तरह से अमानवीय बताया है। इस हमले के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
इस हमले में कितना नुकसान हुआ और क्या है ताजा स्थिति?
अफगानिस्तान के अधिकारियों के अनुसार यह हमला राजधानी काबुल में हाल के वर्षों की सबसे भयानक घटनाओं में से एक है। हमले के दौरान अस्पताल और पुनर्वास केंद्र को निशाना बनाया गया जिससे वहां मौजूद मरीजों और कर्मचारियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
- हमले में मरने वालों की संख्या 400 के पार पहुँच गई है।
- कम से कम 250 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
- यह हमला पवित्र रमजान महीने के दौरान किया गया।
- अफगानिस्तान ने सीधे तौर पर पाकिस्तान को इस कृत्य के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
- पाकिस्तान ने इसे एक सैन्य कार्रवाई बताने की कोशिश की है।
भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का क्या कहना है?
भारत के विदेश मंत्रालय ने 17 मार्च 2026 को एक बयान जारी कर इस हमले की कड़ी निंदा की है। भारत ने स्पष्ट किया कि किसी अस्पताल या नागरिक ठिकाने को सैन्य लक्ष्य बनाना किसी भी तरह से उचित नहीं है। भारत ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला बताया और कहा कि यह क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा है।
| संस्था/अधिकारी | प्रतिक्रिया |
|---|---|
| भारत विदेश मंत्रालय | इसे कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य बताया |
| तालिबान सरकार | पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और मदद मांगी |
| पी. हरीश (UN प्रतिनिधि) | पाकिस्तान को आतंकवाद का वैश्विक केंद्र कहा |
| अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट | दोनों देशों के बीच परमाणु संघर्ष के जोखिम का जिक्र किया |
अफगानिस्तान ने इस संकट की घड़ी में भारत को अपना सबसे घनिष्ठ मित्र बताते हुए मदद की अपील की है। हालांकि भारत ने अब तक तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन मानवीय आधार पर भारत वहां विकास कार्यों और सहायता के लिए हमेशा खड़ा रहा है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच ईद पर संघर्ष विराम का फैसला भी लिया गया है।




