Air India और IndiGo ने सरकार को दी चेतावनी, महंगे ईंधन से विमानन क्षेत्र में बड़े संकट का खतरा
भारत की बड़ी एयरलाइन कंपनियों जैसे Air India और IndiGo ने सरकार को चेतावनी दी है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों की वजह से पूरा विमानन क्षेत्र बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। कंपनियों का कहना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो भविष्य में उड़ानों में कटौती करनी पड़ सकती है और नेटवर्क विस्तार भी रुक सकता है। Federation of Indian Airlines (FIA) ने इस संबंध में सरकार को एक निजी पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई है।
यात्रियों की जेब पर कितना पड़ेगा बोझ?
ईंधन की बढ़ती लागत को देखते हुए Air India और IndiGo जैसी कंपनियों ने पहले ही फ्यूल सरचार्ज (fuel surcharge) लागू कर दिया है। यह सरचार्ज घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूटों पर लागू किया गया है।
- Air India ने घरेलू और SAARC उड़ानों पर 399 रुपये का अतिरिक्त सरचार्ज लगाया है।
- IndiGo ने घरेलू उड़ानों के लिए 425 रुपये से लेकर यूरोपीय रूट के लिए 2,300 रुपये तक का चार्ज तय किया है।
- मिडल ईस्ट और खाड़ी देशों की उड़ानों पर भी करीब 10 डॉलर से लेकर 200 डॉलर तक की बढ़ोतरी की गई है।
कंपनियों ने संकट के लिए किन कारणों को बताया?
एयरलाइन कंपनियों के अनुसार जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसके पीछे मध्य पूर्व में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई में दिक्कतें मुख्य कारण हैं। इसके अलावा हवाई क्षेत्र के प्रतिबंधों की वजह से भी उड़ानों के रास्ते लंबे हो गए हैं जिससे तेल की खपत बढ़ी है।
दूसरी तरफ पेट्रोलियम मंत्रालय ने 19 मार्च को स्पष्ट किया है कि भारत में जेट फ्यूल की कोई कमी नहीं है और सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की है। सरकार अब ऐसे रास्तों पर विचार कर रही है जिससे घरेलू एयरलाइंस को राहत दी जा सके और हवाई किराए को बढ़ने से रोका जा सके। कंपनियों का कहना है कि टैक्स और वैट की ऊंची दरों की वजह से भी उन पर दबाव बना हुआ है।




