Gulf Flight Update: खाड़ी देशों के ऊपर से उड़ान भरने पर DGCA की नई एडवायज़री, यात्रियों के लिए जारी हुआ अलर्ट
भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए भारतीय एयरलाइंस के लिए एक जरूरी एडवायज़री जारी की है। इसमें एयरलाइंस को सलाह दी गई है कि वे खाड़ी क्षेत्र के कुछ हवाई रास्तों से बचने की कोशिश करें और अपनी बैकअप योजनाएं तैयार रखें। यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया गया है ताकि यात्रियों को किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सके।
किन देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी गई है?
DGCA ने भारतीय एयरलाइंस को बहरीन, ईरान, इराक, इजरायल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, UAE और सऊदी अरब के ऊपर उड़ान भरने से बचने को कहा है। यह निर्देश 20 मार्च 2026 से 28 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। इसके अलावा सीरिया और यमन के हवाई क्षेत्र से जुड़े पुराने नियम भी पहले की तरह प्रभावी रहेंगे। सऊदी अरब और ओमान के कुछ हिस्सों में 32,000 फीट से नीचे विमान उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
यात्रियों और एयरलाइंस पर क्या होगा इसका असर?
इस फैसले के बाद Air India और Air India Express जैसी कंपनियों ने अपने रूट बदलना शुरू कर दिया है। इससे फ्लाइट का समय काफी बढ़ गया है क्योंकि विमानों को अब लंबे रास्तों से होकर जाना पड़ रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि सरकार एयरलाइंस और विदेशी नियामकों के साथ लगातार बातचीत कर रही है। सुरक्षा को देखते हुए एयर इंडिया को उड़ान ड्यूटी नियमों में कुछ छूट भी दी गई है ताकि पायलटों को लंबे रास्तों के कारण थकान न हो।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| एडवायज़री की तारीख | 20 मार्च 2026 |
| वैधता | 28 मार्च 2026 तक |
| प्रभावित मुख्य देश | UAE, सऊदी, ईरान, इराक, इजरायल, कतर |
| ऊंचाई प्रतिबंध | सऊदी और ओमान में 32,000 फीट से नीचे मनाही |
| एयरलाइंस पर असर | फ्लाइट का समय और दूरी बढ़ गई है |




