Trump News Update: ट्रंप ने NATO को बताया ‘डरपोक’, Strait of Hormuz में मदद न करने पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने नाटो (NATO) देशों पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘डरपोक’ करार दिया है। ट्रंप का यह गुस्सा Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के लिए अमेरिकी सेना का साथ न देने पर फूटा है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य जीत लगभग हासिल हो चुकी है और ईरान की नौसेना अब समुद्र के नीचे है। ट्रंप के अनुसार नाटो देश तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत तो करते हैं, लेकिन रास्ता साफ करने के लिए मामूली सैन्य मदद देने को भी तैयार नहीं हैं।
Strait of Hormuz और ट्रंप के दावों की मुख्य बातें
ट्रंप ने अपने बयान में कई गंभीर दावे किए हैं और सहयोगी देशों को चेतावनी भी दी है। उन्होंने इस स्थिति को अमेरिका के लिए एक सबक की तरह बताया है।
- ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है और इसमें अब कोई खतरा नहीं बचा है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार Strait of Hormuz को खोलना एक साधारण सैन्य प्रक्रिया है जिसे नाटो देश आसानी से कर सकते थे।
- उन्होंने नाटो को एक ‘पेपर टाइगर’ बताया और कहा कि अमेरिका के बिना इस संगठन की कोई अहमियत नहीं है।
- ट्रंप ने साफ शब्दों में लिखा कि सहयोगी देशों की इस कायरता को हमेशा याद रखा जाएगा।
- फिलहाल Strait of Hormuz ईरानी सेना की धमकियों की वजह से जहाजों के लिए लगभग बंद है।
नाटो देशों और अन्य सहयोगियों का इस विवाद पर क्या है स्टैंड?
ट्रंप के दबाव के बावजूद ज्यादातर नाटो सदस्य देश इस अमेरिकी गठबंधन में शामिल होने से बच रहे हैं। सबका अपना अलग तर्क और योजना है।
| देश/अधिकारी | ताजा बयान और रुख |
|---|---|
| Mark Rutte (NATO प्रमुख) | सहमत हैं कि रास्ता खुलना चाहिए लेकिन तरीका क्या हो इस पर चर्चा जारी है। |
| Friedrich Merz (जर्मनी) | साफ कर दिया कि मध्य पूर्व का युद्ध नाटो का मामला नहीं है और वे इसमें शामिल नहीं होंगे। |
| Keir Starmer (ब्रिटेन) | कहा कि वे युद्ध में नहीं खिंचेंगे लेकिन रास्ता खोलने के लिए ड्रोन भेजने की योजना पर काम कर रहे हैं। |
| Pedro Sánchez (स्पेन) | अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने से पूरी तरह रोक दिया है। |
| 6 प्रमुख सहयोगी देश | ईरान द्वारा रास्ता बंद करने की निंदा की लेकिन साझा सैन्य कार्रवाई पर चुप्पी साधी। |
ईरान ने 28 फरवरी 2026 से ही इस समुद्री रास्ते पर सख्त पाबंदियां लगा रखी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर ‘सुरक्षा टैक्स’ लगाने की तैयारी में है। वहीं 20 मार्च 2026 को आई ताजा जानकारी के अनुसार खाड़ी देशों ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन्स को बीच में ही मार गिराया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर इस तनाव का सीधा असर पड़ रहा है क्योंकि तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।




