UAE New Law: अबू धाबी में 109 लोग गिरफ्तार, फोटो खींचने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने पर एक्शन
अबू धाबी पुलिस ने हाल ही में 109 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने संवेदनशील जगहों और घटनाओं की तस्वीरें खींचीं और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई। यूएई सरकार ने पहले ही इस बारे में सख्त चेतावनी दी थी कि किसी भी सुरक्षा से जुड़ी जगह की फोटो लेना या अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है। गिरफ्तार किए गए लोग अलग-अलग देशों के नागरिक बताए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला और क्यों हुई गिरफ्तारी?
पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तारियां शहर के अलग-अलग हिस्सों में हुई हैं। इन लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके ऐसी खबरें और वीडियो शेयर किए जिससे जनता के बीच भ्रम फैल सकता था। यूएई के अटॉर्नी जनरल ने पहले ही निर्देश दिया था कि युद्ध या संवेदनशील घटनाओं से जुड़ी फुटेज पब्लिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए। प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि बिना इजाजत किसी भी घटना की फोटो लेना प्राइवेसी का उल्लंघन माना जाता है।
यूएई में फोटो खींचने और सोशल मीडिया इस्तेमाल के नियम
यूएई में साइबर अपराधों को रोकने के लिए फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 34 लागू है। इस कानून के तहत नियमों को तोड़ना बहुत भारी पड़ सकता है। यूएई स्टेट सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने पर होने वाली कार्रवाई की जानकारी नीचे दी गई है।
| उल्लंघन का प्रकार | संभावित सजा और जुर्माना |
|---|---|
| बिना अनुमति फोटो लेना | भारी जुर्माना और जेल |
| गलत सूचना फैलाना | 500,000 दिरहम तक जुर्माना |
| सुरक्षा स्थलों की वीडियोग्राफी | गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन |
| सोशल मीडिया पर अफवाह | कानूनी कार्रवाई और देश निकाला |
ब्रिटिश एम्बेसी ने भी अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सरकारी इमारतों, डिप्लोमैटिक मिशन और दुर्घटना वाली जगहों की फोटो न लें। यूएई में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया पर केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी ही शेयर करें। किसी भी अनजान पोस्ट या वीडियो को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सच्चाई जान लेना सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है।




