ईरान के राष्ट्रपति का नया प्रस्ताव, शांति के लिए मिडिल ईस्ट में इस्लामिक पार्लियामेंट बनाने की सलाह
ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर मसूद पेज़ेशकियन ने मिडिल ईस्ट क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिया है। उन्होंने क्षेत्र के मुस्लिम देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए ‘इस्लामिक पार्लियामेंट ऑफ मिडिल ईस्ट’ की स्थापना का सुझाव दिया है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय एकता को मजबूत करना और सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटना है।
क्या है इस्लामिक पार्लियामेंट का मुख्य विचार?
ईरान के राष्ट्रपति के अनुसार इस पार्लियामेंट के जरिए मिडिल ईस्ट के देशों को एक ऐसा साझा मंच मिलेगा जहां वे आपसी सुरक्षा और विकास पर सीधी चर्चा कर सकेंगे। इसका मकसद क्षेत्र में शांति बहाल करना और बाहरी दबाव के बिना स्थानीय मुद्दों को सुलझाना है। इस पहल से मुस्लिम देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तालमेल पहले से बेहतर होने की उम्मीद है।
इस प्रस्ताव से जुड़ी मुख्य बातें
- मिडिल ईस्ट के देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और अधिक बढ़ावा देना।
- क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए एक नया आधिकारिक मंच तैयार करना।
- मुस्लिम राष्ट्रों के बीच आपसी संवाद को पारदर्शी और मजबूत बनाना।
- क्षेत्र के विकास और सुरक्षा के लिए सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू करना।




