Iran Israel War: एक्सपर्ट ने दी बड़ी चेतावनी, लंबा खिंच सकता है ईरान के साथ युद्ध, नहीं मिल रही है आसान जीत
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक्सपर्ट्स ने बड़ी चेतावनी दी है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष काफी लंबा खिंच सकता है। सैन्य विश्लेषक टॉम कूपर ने बताया कि यह अब एक ‘थकाने वाले युद्ध’ (war of attrition) में बदल चुका है। उनके अनुसार बिना ठोस खुफिया जानकारी और सैन्य आंकलन के शुरू किए गए इस युद्ध के नतीजे वैसे नहीं रहे जैसी उम्मीद की गई थी। फिलहाल यह युद्ध अपने तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है और इसका असर पूरे क्षेत्र पर दिखने लगा है।
ईरान की सैन्य ताकत और युद्ध लंबा खिंचने के क्या हैं मुख्य कारण?
एक्सपर्ट टॉम कूपर ने विश्लेषण में बताया कि ईरान की सैन्य व्यवस्था काफी जटिल और मजबूत है। उन्होंने इसकी तुलना 60 के दशक की रणनीति से की है जो किसी भी बड़े हमले को झेलने में सक्षम है।
- ईरान ने जमीन के नीचे मिसाइलों और ड्रोन के बहुत बड़े ठिकाने बना रखे हैं जिन्हें नष्ट करना बेहद मुश्किल है।
- अमेरिकी ‘बंकर-बस्टर’ हथियारों के बावजूद ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे अब भी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
- ईरान की सरकार के पास अभी भी अपने संसाधनों पर पूरी पकड़ है और उसे एक बड़े वर्ग का समर्थन हासिल है।
- कूपर का मानना है कि यदि संघर्ष विराम हो भी जाता है, तो भी लंबे समय के लिए शांति की उम्मीद कम है।
युद्ध में अब तक कितना हुआ नुकसान और क्या है जमीनी हकीकत?
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद और ज्यादा तेज हुआ था। इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जमकर मिसाइलें दागी हैं।
| प्रभावित क्षेत्र/डेटा | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| मारे गए आम नागरिक | 1,500 से अधिक |
| क्षतिग्रस्त अस्पताल | 150 से ज्यादा |
| युद्ध की स्थिति | तीसरा हफ्ता जारी |
| ईरानी नौसैनिक क्षमता | 44 जहाज तबाह होने का दावा |
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए अपनी सैन्य ताकत को बरकरार बताया है। वहीं अमेरिकी सेना के जनरल डैन केन का कहना है कि उन्होंने ईरान की समुद्र में माइंस बिछाने की ताकत को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इजरायल और अमेरिका ने यह युद्ध ईरान की सत्ता को हटाने के लिए नहीं बल्कि उसे कमजोर करने के लिए शुरू किया था, लेकिन अब यह एक लंबी लड़ाई का रूप ले चुका है।




