UAE की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश नाकाम, जॉर्डन और अन्य देशों ने की कड़ी निंदा
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणाली को अस्थिर करने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने इस आतंकवादी साजिश की कड़े शब्दों में निंदा की है। यह साजिश घुसपैठ के जरिए देश की सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डालने के लिए रची गई थी। जॉर्डन ने साफ किया है कि वह इस मुश्किल घड़ी में UAE के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाए गए हर कदम का समर्थन करता है।
आतंकी नेटवर्क और साजिश का पूरा विवरण
UAE के स्टेट सिक्योरिटी अपैरेटस (SSA) ने 20 मार्च 2026 को इस आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने की जानकारी दी। यह नेटवर्क कथित तौर पर लेबनान के हिजबुल्लाह और ईरान द्वारा संचालित किया जा रहा था। पकड़े गए लोग एक फर्जी व्यापारिक कंपनी की आड़ में काम कर रहे थे। इनका मुख्य मकसद मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के जरिए देश की वित्तीय प्रणाली में सेंध लगाना था।
- नेटवर्क का खुलासा: सुरक्षा एजेंसियों ने 20 मार्च को इसे पूरी तरह खत्म कर दिया।
- साजिश का तरीका: फर्जी कंपनियों के जरिए आर्थिक व्यवस्था में घुसपैठ की कोशिश।
- गिरफ्तारी: नेटवर्क से जुड़े कई सदस्यों को हिरासत में लिया गया है।
- सुरक्षा अलर्ट: UAE की हवाई रक्षा प्रणालियां किसी भी बाहरी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।
क्षेत्रीय देशों ने दिया UAE का साथ
इस घटना के बाद खाड़ी के कई देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों को निशाना बनाने वाली ऐसी किसी भी तोड़फोड़ की साजिश को खारिज किया है। वहीं कुवैत ने आतंकी नेटवर्क का पता लगाने के लिए UAE की सराहना की है। लेबनान के विदेश मंत्रालय ने भी हिजबुल्लाह की कथित संलिप्तता की निंदा करते हुए कहा कि वे ऐसी किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करते जो अरब देशों की सुरक्षा को प्रभावित करे।
| देश | मुख्य बयान |
|---|---|
| जॉर्डन | UAE की सुरक्षा और नागरिकों की सलामती के लिए पूर्ण समर्थन। |
| मिस्र | हिंसा और आतंकवाद के सभी रूपों को सिरे से खारिज किया। |
| कुवैत | साजिश नाकाम करने पर UAE की सुरक्षा एजेंसियों को बधाई। |
| लेबनान | हिजबुल्लाह की सैन्य और सुरक्षा गतिविधियों पर प्रतिबंध की पुष्टि। |
प्रवासियों और सुरक्षा पर इसका असर
UAE प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देश में रहने वाले नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो देश की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करे। इस कार्रवाई से UAE में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य विदेशी कामगारों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को आश्वस्त किया है कि देश का वित्तीय सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।





