Saudi Arabia New Update: सीरिया पर इजरायली हमले से भड़का सऊदी अरब, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताकर की कड़ी निंदा
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने दक्षिण सीरिया में सैन्य बुनियादी ढांचों पर इजरायली हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। सऊदी सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और सीरिया की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। यह हमला 20 मार्च 2026 को हुआ था, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। सऊदी अरब के साथ-साथ तुर्की और कतर जैसे पड़ोसी देशों ने भी इस सैन्य कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया है।
इजरायल ने सीरिया में हमला क्यों किया और वहां क्या नुकसान हुआ?
इजरायली सेना (IDF) ने आधिकारिक बयान में कहा कि उसने दक्षिण सीरिया में सैन्य शिविरों, एक कमांड सेंटर और लड़ाकू उपकरणों को निशाना बनाया है। इजरायल का दावा है कि यह हमला स्वेडा प्रांत (Sweida Province) में द्रुज समुदाय पर हुए हमलों के जवाब में किया गया था। इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह द्रुज समुदाय को होने वाले नुकसान को बर्दाश्त नहीं करेगा। हालांकि, सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इन दलीलों को मनगढ़ंत बहाना बताते हुए खारिज कर दिया है और इसे अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर हमला बताया है।
इस हमले पर अन्य देशों और संगठनों की क्या प्रतिक्रिया रही?
- Saudi Arabia: मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजरायल द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन को रोकने का आग्रह किया।
- Qatar: कतर ने इस हमले को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है।
- Turkey: तुर्की ने इसे एक खतरनाक उकसावा बताया और वैश्विक समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की।
- SOHR: सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार, इजरायली हमले से पहले स्वेडा में झड़पें हुई थीं जिसमें कम से कम चार लोग मारे गए थे।
यह हमला उस समय हुआ है जब क्षेत्र में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। सऊदी अरब ने साफ किया है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां इलाके की शांति के लिए बड़ा खतरा हैं। सीरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इजरायली आक्रामकता को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।




