Qatar News: कतर में हीलियम का उत्पादन रुका, दुनिया भर में चिप और मेडिकल मशीनें महंगी होने का डर
ईरान के हमलों की वजह से कतर में हीलियम गैस का उत्पादन पूरी तरह रुक गया है। कतर दुनिया भर में हीलियम की कुल सप्लाई का लगभग एक-तिहाई हिस्सा देता है। 2 मार्च 2026 को हुए हमलों के बाद कतरगैस ने उत्पादन बंद करने का फैसला लिया है। इससे पूरी दुनिया की टेक्नोलॉजी सप्लाई और मेडिकल सेवाओं पर बुरा असर पड़ने की संभावना है।
हीलियम की कमी से किन उद्योगों पर पड़ेगा असर?
हीलियम गैस का इस्तेमाल सिर्फ गुब्बारों के लिए नहीं, बल्कि कई बड़ी इंडस्ट्रीज में जरूरी होता है। इसके बिना कई आधुनिक मशीनों का चलना मुश्किल है। हीलियम की कमी से होने वाले मुख्य असर इस प्रकार हैं:
- Semiconductor Chip: मोबाइल और कंप्यूटर के लिए जरूरी चिप बनाने में हीलियम अनिवार्य है।
- Medical Machines: अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली MRI मशीनों को ठंडा रखने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है।
- Space Rocket: अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले रॉकेट में भी इस गैस का बड़ा उपयोग होता है।
- South Korea: सैमसंग और SK Hynix जैसी कंपनियों के काम पर असर पड़ सकता है क्योंकि वे अपनी जरूरत का 65% हीलियम कतर से लेते हैं।
कतर की गैस फैसिलिटी में कितना नुकसान हुआ है?
ईरानी ड्रोन हमलों से रास लफान (Ras Laffan) स्थित दुनिया के सबसे बड़े LNG प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। कतरएनर्जी के सीईओ साद अल-काबी के अनुसार, क्षतिग्रस्त प्लांट की मरम्मत करने में 3 से 5 साल का समय लग सकता है। जब तक इलाके में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक उत्पादन फिर से शुरू करना मुश्किल है।
| विवरण | महत्वपूर्ण आंकड़े |
|---|---|
| सालाना निर्यात में कटौती | 14% |
| कीमतों में बढ़ोतरी | 70% से 100% तक |
| प्रति माह कमी | 5.2 मिलियन क्यूबिक मीटर |
| मरम्मत में लगने वाला समय | 3 से 5 साल |
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में हीलियम की कमी दुनिया भर के बाजारों में महसूस होने लगेगी। फिलहाल कंपनियों के पास पुराना स्टॉक बचा हुआ है, लेकिन सप्लाई बंद रहने से हालात और खराब हो सकते हैं।




