ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हुआ बड़ा हमला, तेहरान ने अमेरिका और इजरायल को ठहराया जिम्मेदार
ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र पर शनिवार सुबह एक बार फिर हमला किया गया है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने इस घटना को एक आपराधिक हमला बताते हुए इसके लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। अधिकारियों का कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों और सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन है। फिलहाल क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
क्या नतांज परमाणु केंद्र को कोई बड़ा नुकसान हुआ है?
ईरान के नेशनल न्यूक्लियर सेफ्टी सेंटर ने शुरुआती जांच के बाद बताया है कि इस हमले से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। सबसे राहत की बात यह है कि प्लांट से किसी भी तरह के रेडियोधर्मी पदार्थ का रिसाव नहीं हुआ है। परमाणु परिसर अभी भी पूरी तरह से चालू है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी पुष्टि की है कि रेडिएशन के स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है और वे मामले की जांच कर रहे हैं।
हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया आई?
इस हमले के बाद इजरायल और अमेरिका के बयानों ने चिंता बढ़ा दी है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने साफ तौर पर कहा है कि रविवार से हमलों की तीव्रता और बढ़ाई जाएगी। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना कम करने की बात तो की है, लेकिन क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोत और जवान भी भेजे जा रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर ईरान के राष्ट्रपति से बात की और जरूरी बुनियादी ढांचों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की है।
- हमले का समय: शनिवार, 21 मार्च 2026 की सुबह
- प्रभावित क्षेत्र: नतांज न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स, ईरान
- मुख्य आरोपी: ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाए
- IAEA का रुख: परमाणु दुर्घटना से बचने के लिए सैन्य संयम की अपील
- भारत का स्टैंड: पीएम मोदी ने शांति और सुरक्षा पर जोर दिया




