US CENTCOM का ईरान पर बड़ा हमला, 130 जहाज तबाह और मिसाइल डिपो को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की जानकारी साझा की है। ताजा अपडेट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल गोदामों और रडार प्रणालियों को निशाना बनाया है। इस हमले में ईरान को भारी सैन्य नुकसान हुआ है और उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता काफी कम हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह मिशन अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है।
ℹ️: अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, 8000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना।
अमेरिकी हमलों में ईरान को क्या-क्या नुकसान हुआ?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस ऑपरेशन में ईरान के हजारों मिसाइल और ड्रोन नष्ट कर दिए गए हैं। हमलों का मुख्य उद्देश्य उन रडार सिस्टम को खत्म करना था जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। अब तक लगभग 130 ईरानी जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि ईरान की हमला करने की ताकत में लगातार गिरावट आ रही है और अमेरिकी सेना इस मिशन को जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका ने ईरान के उन कारखानों पर भी हमले किए हैं जहां ड्रोन और मिसाइलें बनाई जाती थीं।
सैन्य कार्रवाई से जुड़े मुख्य आंकड़े और जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| निशाना बनाए गए जहाज | 130 से अधिक |
| नष्ट किए गए हथियार | हजारों मिसाइल और ड्रोन |
| मुख्य लक्ष्य | मिसाइल डिपो और रडार सेंटर |
| अभियान का समय | मार्च 2026 के दौरान जारी |
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, यह हमले फरवरी के अंत से शुरू हुए थे जिसे Epic Fury के नाम से भी जाना जा रहा है। सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ज्यादातर सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया गया है। Strait of Hormuz में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए समुद्री ठिकानों पर खास नजर रखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी संकेत दिए हैं कि ईरान के अधिकांश लक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया है और यह संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सैन्य बंदरगाहों और ठिकानों से दूर रहें।




