Syria में Israeli हमले की GCC ने की कड़ी निंदा, क्षेत्र की शांति के लिए बताया बड़ा खतरा
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जस़ेम मोहम्मद अल बुदैवी ने सीरिया के सैन्य ठिकानों पर हुए इजरायली हमले की जोरदार शब्दों में निंदा की है। अल बुदैवी ने कहा कि दक्षिण सीरिया में सैन्य ढांचे को निशाना बनाने वाला यह हमला पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता की नींव को कमजोर करता है। यह हमला 19 मार्च 2026 को हुआ था, जिसने क्षेत्रीय तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है।
ℹ: सऊदी अरब ने सीरिया पर इजरायली हमले की कड़ी निंदा की, अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
हमले के पीछे क्या थी मुख्य वजह और नुकसान?
इजरायली सेना ने दक्षिण सीरिया के सुवैदा प्रांत में स्थित सीरियाई सेना के कैंपों, कमांड सेंटर और हथियारों के गोदामों पर बमबारी की। इजरायल की तरफ से यह दलील दी गई कि ये हमले अस-सुवैदा क्षेत्र में नागरिकों पर हुए कथित हमलों का जवाब थे। हालांकि, सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इन दलीलों को बेबुनियाद बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। सीरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस पर कड़ा संज्ञान लेने की मांग की है।
GCC और अन्य देशों ने क्या मांग की है?
- सुरक्षा की अपील: GCC महासचिव ने जोर दिया कि सीरिया की स्थिरता पूरे क्षेत्र की शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।
- इजरायली नीति का विरोध: उन्होंने इस हमले को इजरायल की आक्रामक नीति का विस्तार बताया और इसकी निंदा की।
- कतर का रुख: कतर सरकार ने भी सैन्य ठिकानों पर हुए इस हमले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे गलत बताया है।
- मुस्लिम वर्ल्ड लीग: इस संगठन ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन हमलों को रोकने की जिम्मेदारी निभाने को कहा है।
GCC ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे सीरियाई क्षेत्र पर बार-बार होने वाले इन हमलों को रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारी पूरी करें। संगठन ने सभी कब्जे वाले सीरियाई क्षेत्रों से वापसी की भी मांग उठाई है। सीरिया ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कार्रवाइयों के परिणामों के लिए इजरायल पूरी तरह जिम्मेदार होगा।




