ईरान ने अमेरिकी बेस पर किया मिसाइल हमला, इज़राइली सैन्य प्रमुख ने 4000 किमी रेंज का किया दावा
इज़राइल के सैन्य प्रमुख एयाल ज़मीर (Eyal Zamir) ने दावा किया है कि ईरान ने डिएगो गार्सिया (Diego Garcia) स्थित अमेरिकी और ब्रिटिश सैन्य बेस पर बड़ा हमला किया। उनके अनुसार इस हमले में दो चरणों वाली इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल हुआ जिसकी मारक क्षमता 4,000 किलोमीटर थी। यह सैन्य बेस हिंद महासागर में स्थित है और रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
हमले में किस तरह की मिसाइल का हुआ इस्तेमाल?
इज़राइली सेना के प्रमुख के मुताबिक ईरान ने अपनी उन्नत तकनीक वाली मिसाइल का प्रयोग इस हमले के लिए किया। रिपोर्ट के अनुसार 20 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से दो मिसाइलें दागी गई थीं। इसमें से एक मिसाइल रास्ते में ही तकनीकी खराबी के कारण गिर गई। वहीं दूसरी मिसाइल को अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत ने SM-3 मिसाइल इंटरसेप्टर की मदद से हवा में ही मार गिराया। इस कार्रवाई की वजह से बेस पर किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ और सभी सैनिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
डिएगो गार्सिया बेस और हमले से जुड़े मुख्य तथ्य
- यह हमला डिएगो गार्सिया बेस को निशाना बनाकर किया गया जिसे अमेरिका और ब्रिटेन साझा करते हैं।
- इज़राइली डिफेंस चीफ एयाल ज़मीर ने मिसाइल की रेंज 4,000 किलोमीटर होने की जानकारी दी।
- अमेरिकी युद्धपोत ने समय रहते मिसाइल को इंटरसेप्ट कर लिया जिससे कोई धमाका बेस पर नहीं हुआ।
- ईरान की इस कार्रवाई को लेकर वॉल स्ट्रीट जर्नल और CNN ने शुरुआती रिपोर्ट दी थी।
- घटना के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।




