US Military News: अमेरिका ने ईरान के मिसाइल ठिकानों पर गिराए भारी बम, Strait of Hormuz में जहाजों का रास्ता साफ करने की कोशिश
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय मिसाइल ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर बड़े हमले किए हैं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है। वॉशिंगटन ने साफ किया है कि वह इस क्षेत्र में ईरान की सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाना जारी रखेगा ताकि समुद्री व्यापार में कोई बाधा न आए।
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ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अब तक क्या कार्रवाई हुई?
एडमिरल कूपर ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने ईरान के तट पर स्थित एक बेहद मजबूत भूमिगत ठिकाने पर 5,000 पाउंड के कई बम गिराए। इस ठिकाने का इस्तेमाल एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों और मोबाइल मिसाइल लॉन्चरों को रखने के लिए किया जा रहा था। पिछले तीन हफ्तों के दौरान अमेरिका ने कुल 8,000 से अधिक सैन्य ठिकानों और करीब 130 ईरानी जहाजों को निशाना बनाया है। सेना ने उन रडार सिस्टम को भी तबाह कर दिया है जो जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखते थे।
इस सैन्य ऑपरेशन में शामिल मुख्य देश और ताजा अपडेट
- यूनाइटेड किंगडम का समर्थन: ब्रिटेन सरकार ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की आधिकारिक अनुमति दे दी है जिसे सामूहिक रक्षा का हिस्सा माना गया है।
- 22 देशों का गठबंधन: यूएई, बहरीन, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया समेत 22 देशों ने ईरान द्वारा जहाजों पर किए जा रहे हमलों की निंदा की है।
- अतिरिक्त तैनाती: अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अतिरिक्त युद्धपोत और मरीन सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेज रहा है।
- आर्टिलरी स्ट्राइक: सेना ने इतिहास का सबसे लंबा फील्ड आर्टिलरी स्ट्राइक भी किया है जिसने ईरानी सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।
ऑपरेशन से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े और जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ऑपरेशन का नाम | Operation Epic Fury |
| निशाना बनाए गए ईरानी जहाज | 130 |
| कुल सैन्य लक्ष्य | 8,000 से अधिक |
| ब्रिटेन की अनुमति तिथि | 20 मार्च 2026 |
| मुख्य हथियार | 5,000 पाउंड के बम |
इस सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है लेकिन एडमिरल कूपर का कहना है कि ईरान की जहाजों को धमकाने की क्षमता अब काफी कम हो गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी रास्ते से दुनिया का बड़ा व्यापारिक हिस्सा गुजरता है। आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा सकती है।





