Trump Warning to Iran: 48 घंटे में खोलें Strait of Hormuz वरना तबाह कर देंगे पावर प्लांट
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को बेहद सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने अगले 48 घंटों के भीतर Strait of Hormuz का समुद्री रास्ता पूरी तरह नहीं खोला, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा। राष्ट्रपति ने अपनी बात में साफ किया कि हमले की शुरुआत सबसे बड़े पावर प्लांट से की जाएगी। यह तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने दक्षिण इजरायल के Dimona और Arad जैसे शहरों पर हमला किया, जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए हैं।
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इजरायल पर हमला और ताजा हालात क्या हैं?
ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें दक्षिण इजरायल के रिहायशी इलाकों में गिरी हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में करीब 100 लोग घायल हुए हैं। ईरान ने इन हमलों के जरिए इजरायल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र Dimona को निशाना बनाने की कोशिश की है। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि यह एक कठिन शाम थी और जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने संकेत दिए हैं कि आने वाले हफ्ते में ईरान पर हमले और तेज किए जाएंगे।
मुख्य घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर दुनिया भर के देशों की नजर बनी हुई है। सऊदी अरब ने अपने यहाँ से ईरानी सैन्य अधिकारी और दूतावास के स्टाफ को देश छोड़ने का आदेश दिया है। इसके अलावा 20 से ज्यादा देशों ने Strait of Hormuz में सुरक्षित आवाजाही के लिए अपना समर्थन जताया है।
| पक्ष | ताजा अपडेट |
|---|---|
| अमेरिका | 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया और समुद्री सेना तैनात की |
| ईरान | इजरायल पर मिसाइल दागी और रास्ता बंद किया |
| इजरायल | Dimona और Arad में हमले के बाद हाई अलर्ट पर |
| सऊदी अरब | ईरानी राजनयिकों को देश से बाहर निकाला |
| ब्रिटेन | परमाणु पनडुब्बी अरब सागर में तैनात की |
आम लोगों और तेल की सप्लाई पर असर
ईरान द्वारा Strait of Hormuz को प्रभावी ढंग से बंद करने की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल है। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने तेल की सप्लाई बनाए रखने के लिए कुछ नए उपायों की घोषणा की है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी IAEA ने सैन्य संयम बरतने की अपील की है क्योंकि हमले परमाणु केंद्रों के पास हो रहे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इस रास्ते से व्यापार और यात्रा प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।





