ईरान की अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी, ऊर्जा और पानी के प्लांट को निशाना बनाने की दी धमकी
खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने चेतावनी जारी की है कि अगर उसके पावर प्लांट पर कोई हमला होता है, तो वह अमेरिका और इजरायल से जुड़े ऊर्जा और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। इसमें इस क्षेत्र में मौजूद पानी साफ करने वाले (desalination) प्लांट भी शामिल हैं। यह बयान डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद आया है जिसमें उन्होंने ईरान के पावर प्लांट को उड़ाने की बात कही थी।
ईरान की चेतावनी के मुख्य बिंदु क्या हैं
- ईरान ने साफ किया है कि उसके पावर प्लांट पर हमला होने पर वह जवाबी कार्रवाई करेगा।
- निशाने पर अमेरिका और इजरायल से जुड़े ऊर्जा और आईटी नेटवर्क रहेंगे।
- क्षेत्र के महत्वपूर्ण पानी साफ करने वाले प्लांट पर भी हमले की धमकी दी गई है।
- यह विवाद मुख्य रूप से Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर है।
क्यों बढ़ा है खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का खतरा
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए ईरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर Strait of Hormuz को 48 घंटों के भीतर बिना किसी खतरे के नहीं खोला गया, तो वे ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट को तबाह कर देंगे। इसके जवाब में ईरानी सेना के मुख्यालय Khatam Al-Anbiya ने अपनी रणनीति का खुलासा किया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इससे बुनियादी सेवाओं पर असर पड़ सकता है।




