Arabian Sea में तैनात हुई ब्रिटेन की न्यूक्लियर पनडुब्बी, ईरान के साथ तनाव के बीच बढ़ा खतरा
ब्रिटेन की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी HMS Anson को अरब सागर में तैनात किया गया है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह पनडुब्बी टॉमहॉक मिसाइलों से लैस है जो करीब 1000 मील दूर तक निशाना साध सकती है। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब ईरान के साथ पश्चिमी देशों का विवाद गहरा रहा है।
HMS Anson पनडुब्बी की ताकत और मिशन क्या है?
HMS Anson एक Astute-class की आधुनिक पनडुब्बी है। यह पनडुब्बी ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से रवाना होकर लगभग 5500 मील का सफर तय कर अरब सागर पहुंची है। इसकी ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें टॉमहॉक ब्लॉक IV मिसाइलें और स्पीयरफिश टॉरपीडो लगे हुए हैं। इसकी मारक क्षमता इतनी अधिक है कि यह समुद्र के भीतर से ही बड़े लक्ष्यों को आसानी से तबाह कर सकती है।
क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा पर इसका क्या असर होगा?
ईरान और ब्रिटेन के बीच जारी विवाद के बीच यह तैनाती काफी चर्चा में है। ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य बेस RAF Fairford और Diego Garcia के इस्तेमाल की मंजूरी दी है। यह मंजूरी उन ठिकानों पर कार्रवाई के लिए है जो Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा बने हुए हैं। फिलहाल ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय (MoD) ने पनडुब्बी के ऑपरेशन पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है लेकिन सैन्य जानकारों की नजर इस पर बनी हुई है।




