Sudan Hospital Attack: सूडान में अस्पताल पर ड्रोन हमला, 13 बच्चों समेत 64 की मौत
सूडान के अल दैन टीचिंग अस्पताल (Al Deain Teaching Hospital) पर शुक्रवार को हुए एक भीषण हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पुष्टि की है कि इस हमले में कम से कम 64 लोगों की मौत हो गई और 89 अन्य घायल हुए हैं। मरने वालों में 13 मासूम बच्चे, दो नर्स और एक डॉक्टर भी शामिल हैं। इस हमले के बाद अस्पताल की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है और वहां दी जाने वाली सभी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बंद हो गई हैं।
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अस्पताल हमले में हुए नुकसान की पूरी जानकारी
पूर्वी दारफुर की राजधानी अल दैन में स्थित इस अस्पताल पर शुक्रवार 20 मार्च 2026 को हमला किया गया था। WHO ने शनिवार को इस हमले की पुष्टि की और बताया कि घायलों में अस्पताल के आठ कर्मचारी भी शामिल हैं। इस हमले की वजह से शहर में मरीजों को मिलने वाली जरूरी मेडिकल सुविधाएं अब पूरी तरह ठप हैं।
- कुल मौतें: 64 लोग, जिनमें बच्चे और डॉक्टर शामिल हैं
- घायल: 89 लोग जिनका इलाज अन्य केंद्रों पर करने की कोशिश जारी है
- अस्पताल की स्थिति: पूरी तरह से सेवा से बाहर (Non-functional)
- अधिकार क्षेत्र: यह इलाका फिलहाल Rapid Support Forces (RSF) के नियंत्रण में बताया जाता है
WHO और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सख्त रुख
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अब बहुत खून बह चुका है और हिंसा को तुरंत रोकना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं कभी भी युद्ध का निशाना नहीं होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय कार्यालय ने भी इस घटना पर गहरा दुख और नाराजगी जताई है।
| मुख्य विवरण | आंकड़े और जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 20 मार्च 2026 |
| पुष्टि की तारीख | 21 मार्च 2026 (WHO द्वारा) |
| युद्ध के दौरान कुल हमले | सूडान में अब तक 213 हमले स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए हैं |
| कुल जनहानि | युद्ध की शुरुआत से अब तक 2,036 लोग मारे गए हैं |
सूडान में चल रहे गृहयुद्ध के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इमरजेंसी लॉयर्स नामक मानवाधिकार समूह ने इस ड्रोन हमले के लिए सूडानी सेना पर आरोप लगाया है। WHO अब स्थानीय साथियों की मदद से दूसरे अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और वहां दवाइयां पहुंचाने का काम कर रहा है ताकि लोगों को प्राथमिक उपचार मिल सके।




