GCC का बड़ा बयान, ईरान के हमलों का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित, UN चार्टर का दिया हवाला
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल बुदैवी ने 22 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि GCC सदस्य देशों के पास ईरान के हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। यह बयान सऊदी अरब और अन्य पड़ोसी देशों में बुनियादी ढांचे और तेल सुविधाओं को निशाना बनाने वाली हालिया घटनाओं के बाद जारी किया गया है। महासचिव ने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ईरान के हमलों और GCC की जवाबी कार्रवाई से जुड़ी मुख्य बातें
GCC महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए आत्मरक्षा के अधिकार की बात कही है। 22 मार्च 2026 की सुबह ईरान ने रियाद की ओर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें और पूर्वी प्रांत की ओर 10 ड्रोन दागे थे। सऊदी अरब के सुरक्षा बलों ने इन सभी हमलों को बीच में ही सफलतापूर्वक रोक दिया जिससे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। GCC ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का पालन करने के लिए मजबूर करें।
हाल के दिनों में हुई प्रमुख घटनाएं और हमले
पिछले कुछ हफ्तों में क्षेत्र की ऊर्जा और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया है जिसकी जानकारी नीचे दी गई है।
| तारीख | घटना और स्थान |
|---|---|
| 22 मार्च 2026 | रियाद और पूर्वी प्रांत पर मिसाइल और ड्रोन हमला |
| 19 मार्च 2026 | SAMREF रिफाइनरी और यानबू पोर्ट पर हमला |
| 11 मार्च 2026 | ओमान के सलालाह पोर्ट पर ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया |
| 18 मार्च 2026 | रियाद में मंत्रिस्तरीय बैठक में हमलों की निंदा की गई |
| 12 मार्च 2026 | UN सुरक्षा परिषद ने ईरानी अभियानों की निंदा का प्रस्ताव पारित किया |
| 5 मार्च 2026 | EU के साथ बैठक में क्षेत्रीय संप्रभुता पर चर्चा हुई |
इन हमलों का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। GCC देशों ने अपनी क्षेत्रीय अखंडता और लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया है। महासचिव ने कहा कि खाड़ी देश किसी भी धोखे या छद्म युद्ध का शिकार नहीं बनेंगे और अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।




