Saudi Arabia New Update: सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन से हमला, ईरान के 5 अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश
सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद और तेल से भरपूर पूर्वी क्षेत्र (Eastern Province) को निशाना बनाकर किए गए कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को नाकाम कर दिया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। तनाव बढ़ता देख सऊदी सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए ईरानी दूतावास के पांच अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश से बाहर जाने का आदेश जारी किया है।
📰: Donald Trump Threat to Iran: ईरान को ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी, पावर प्लांट पर हमले का खतरा।
सऊदी अरब में हुए इन हमलों की मुख्य जानकारी क्या है?
सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रविवार 22 मार्च 2026 को रियाद की ओर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं। इनमें से एक मिसाइल को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि दो अन्य आबादी से दूर खाली इलाकों में गिरीं। इसके अलावा, पूर्वी क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाकों में रात भर में कम से कम नौ ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह सुरक्षा संबंधी बड़ी खबर है क्योंकि इन हमलों का असर क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है।
ईरान के खिलाफ सऊदी सरकार ने क्या सख्त कदम उठाए हैं?
सऊदी विदेश मंत्रालय ने ईरान के सैन्य अताशे, उनके सहायक और तीन अन्य दूतावास कर्मियों को ‘पर्सना नॉन ग्रेटा’ घोषित कर दिया है। इन सभी अधिकारियों को अगले 24 घंटों में सऊदी अरब छोड़ने का समय दिया गया है। सऊदी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बार-बार होने वाले इन हमलों के गंभीर परिणाम होंगे और वे अपनी रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत कदम उठाने का अधिकार रखते हैं।
| entity | Action Taken | Date |
|---|---|---|
| Saudi Arabia | Expelled 5 Iranian diplomats | 22 March 2026 |
| Qatar | Expelled Iranian security officials | 18 March 2026 |
| Defense Ministry | Intercepted 9 drones and 3 missiles | 22 March 2026 |
| Kuwait & Bahrain | Reported drone interceptions | Ongoing |
पिछले कुछ हफ्तों से खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। कतर ने भी हाल ही में अपने ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले के बाद ईरानी अधिकारियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की थी। सऊदी अरब का कहना है कि वे क्षेत्रीय सुरक्षा और पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंधों के सिद्धांतों का पालन करते हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।




