West Asia में फंसे 23,000 भारतीय नाविक, यूनियन ने PM Modi को लिखा लेटर, जल्द रेस्क्यू की मांग
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच लगभग 23,000 भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता सामने आई है। फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इन नाविकों को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार, कई भारतीय नाविक ईरान और इजरायल के समुद्री इलाकों में फंसे हुए हैं और वहां जरूरी सामान की कमी होने लगी है। यूनियन ने बताया कि नाविकों को बचाने के लिए अब तक सरकार को दो पत्र भेजे जा चुके हैं।
भारतीय नाविकों की स्थिति और यूनियन की अपील
यूनियन के महासचिव मनोज यादव ने जानकारी दी है कि वे लगातार फंसे हुए नाविकों के संपर्क में हैं। स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि कई जहाजों पर राशन और पीने के पानी का स्टॉक खत्म होने वाला है। यूनियन ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) से भी दखल देने की अपील की है ताकि ईरान के बंदरगाहों पर मौजूद भारतीयों को सुरक्षा मिल सके। नाविकों का कहना है कि वहां संचार के साधनों पर भी असर पड़ रहा है जिससे परिवारों से बात करना मुश्किल हो रहा है।
रेस्क्यू और सरकार की कार्रवाई का डेटा
| विवरण | ताजा आंकड़े और स्थिति |
|---|---|
| प्रभावित नाविकों की कुल संख्या | लगभग 23,000 |
| अब तक सुरक्षित वापस आए नाविक | 534 से अधिक |
| पिछले 24 घंटों में वापसी | 21 नाविक |
| क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाज | 22 (611 नाविक सवार) |
| दुर्घटना में हताहत | 3 मृत, 4 घायल, 1 लापता |
भारत सरकार का विदेश मंत्रालय और जहाजरानी मंत्रालय पूरी स्थिति पर 24 घंटे नजर रख रहा है। महानिदेशालय ने एक क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाई है जो मुश्किल समय में नाविकों की मदद कर रही है। भारतीय नौसेना भी ‘ऑपरेशन संकल्प’ के जरिए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। सरकार ने फिलहाल नाविकों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जहाज पर ही रहने की सलाह दी है और शिपमालिकों को राशन की आपूर्ति तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है।




