Iran का दावा, Hormuz के पास मार गिराया दुश्मन का F-15 विमान, खाड़ी क्षेत्र में तनाव
ईरान की सेना ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने अपने दक्षिणी तट पर हॉर्मुज़ द्वीप (Hormuz Island) के पास एक दुश्मन के F-15 विमान को मार गिराया है। ईरान के एयर डिफेंस फोर्स के मुताबिक, इस विमान ने उनकी हवाई सीमा का उल्लंघन किया था, जिसके बाद इसे सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से निशाना बनाया गया। यह घटना 22 मार्च 2026 की बताई जा रही है और इसे लेकर क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
ईरान के इस दावे के पीछे की मुख्य जानकारी क्या है
ईरानी समाचार एजेंसी IRNA और अन्य सरकारी मीडिया ने इस घटना की पुष्टि की है। ईरान के जॉइंट एयर डिफेंस हेडक्वार्टर ने बयान जारी कर बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने घुसपैठ कर रहे फाइटर जेट को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। इस घटना को लेकर अभी तक अमेरिका या इज़राइल की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान इसे अपनी रक्षा क्षमता की मजबूती के तौर पर देख रहा है और उसने विदेशी विमानों के घुसने पर सख्त चेतावनी भी जारी की है।
क्षेत्र में तनाव बढ़ने की बड़ी वजहें
ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कुछ दिनों से हालात काफी खराब चल रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में धमकी दी थी कि अगर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को जल्द नहीं खोला गया, तो ईरान के पावर प्लांट तबाह कर दिए जाएंगे। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। इस क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियों का ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं।
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 21 मार्च 2026 | ईरान ने इज़राइल के डिमोना शहर पर मिसाइलें दागीं |
| 22 मार्च 2026 | सऊदी और UAE ने अपनी सीमा में ईरानी मिसाइलें रोकीं |
| 22 मार्च 2026 | ईरान ने F-15 विमान को मार गिराने का दावा किया |
| 22 मार्च 2026 | ट्रम्प ने 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया |
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने भी इस दौरान अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है और कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है। इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार और खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासियों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतज़ार किया जा रहा है।




