US-Iran Tension: ट्रंप ने ईरान को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, सऊदी ने ईरानी राजनयिकों को देश छोड़ने का दिया आदेश
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से खोल दे। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में 30 दिनों की अस्थायी छूट देने का ऐलान किया है। इस बीच खाड़ी क्षेत्र में भी हलचल तेज हो गई है और सऊदी अरब ने ईरानी दूतावास के अधिकारियों को देश से बाहर जाने का फरमान सुना दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी और तेल बाजार पर अमेरिका का फैसला
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने समुद्री मार्ग नहीं खोला तो अमेरिका वहां के बड़े बिजली संयंत्रों (Power Plants) को निशाना बनाएगा। ट्रंप ने साफ किया कि वह ईरान के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। इसी दौरान अमेरिकी वित्त विभाग ने एक जनरल लाइसेंस जारी किया है जिसके तहत समुद्र में मौजूद ईरानी कच्चे तेल को 19 अप्रैल तक बेचने की अनुमति दी गई है।
- अमेरिकी वित्त मंत्री के अनुसार इस कदम से 14 करोड़ बैरल तेल बाजार में आएगा।
- इसका उद्देश्य वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखना है।
- अमेरिका ने साफ किया है कि वह तेल वायदा बाजार में हस्तक्षेप नहीं करेगा।
- यह छूट केवल उन जहाजों के लिए है जो शुक्रवार तक लोड हो चुके थे।
सऊदी अरब की कार्रवाई और ईरान का पलटवार
सऊदी अरब ने ईरान के सैन्य अताशे और चार अन्य कर्मचारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया है। इन अधिकारियों को सऊदी अरब छोड़ने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। सऊदी सरकार ने यह फैसला खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों पर ईरान के कथित हमलों के विरोध में लिया है। वहीं ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो वह इस क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।
क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और मुख्य घटनाक्रम
| विषय | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| ट्रंप का अल्टीमेटम | ईरान को समुद्री रास्ता खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया |
| सऊदी अरब का कदम | ईरानी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया |
| G7 का बयान | ईरान के हमलों की निंदा की और समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर जोर दिया |
| इजरायल की स्थिति | ईरानी मिसाइलों ने डिमोना और अराद जैसे शहरों को निशाना बनाया |
| अमेरिकी रणनीति | ईरान की मिसाइल क्षमता और नौसेना को कमजोर करने का लक्ष्य |





