Iran-Israel War Update: ईरान का इजरायल की डिफेंस कंपनी और अमेरिकी एयर बेस पर बड़ा हमला, ट्रंप ने दी 48 घंटे की चेतावनी
ईरान की सेना ने इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर बड़े ड्रोन हमले करने का दावा किया है। इस हमले में इजरायल की सरकारी डिफेंस कंपनी Israel Aerospace Industries और सऊदी अरब स्थित अमेरिका के Prince Sultan Air Base को निशाना बनाया गया है। दूसरी ओर इजरायल के अराद और डिमोना शहरों में मिसाइल गिरने से 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ईरान के हमले और इजरायल में हुआ नुकसान
ईरान की सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उन्होंने बें गुरियन एयरपोर्ट के पास स्थित IAI के ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए हैं। इजरायल के दक्षिणी शहरों अराद और डिमोना में मिसाइलें गिरी हैं जो इजरायल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के करीब हैं। इन हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है। इजरायली सेना ने स्वीकार किया कि वह इन मिसाइलों को रोकने में असमर्थ रही।
| स्थान | नुकसान का प्रकार | विवरण |
|---|---|---|
| IAI Facilities | ड्रोन हमला | डिफेंस और एयरोस्पेस कंपनी को निशाना बनाया |
| Arad/Dimona | मिसाइल हमला | 100+ घायल और परमाणु केंद्र के पास नुकसान |
| Prince Sultan Air Base | ड्रोन हमला | अमेरिकी टोही विमानों के ठिकाने पर हमला |
अमेरिका की चेतावनी और सऊदी अरब में हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर 48 घंटों के भीतर Strait of Hormuz को पूरी तरह नहीं खोला गया तो ईरान के पावर प्लांट को तबाह कर दिया जाएगा। हमले की खबर सऊदी अरब के Prince Sultan Air Base से भी आई है जहाँ अमेरिकी टोही विमानों के ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया गया है। इसके जवाब में इजरायल ने भी तेहरान में ईरान के बुनियादी ढांचों पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों पर असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वहां रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है। खासकर सऊदी अरब और इजरायल के बीच उड़ानों और सुरक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। अगर यह विवाद और बढ़ता है तो क्षेत्र के ऊर्जा और सूचना तकनीक के ढांचों को नुकसान पहुँचने की संभावना है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल ठिकानों को निशाना बनाया गया तो वह पूरे क्षेत्र के पानी और बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा।





