इजरायल ने दक्षिण लेबनान के Naqoura पर की गोलाबारी, सफेद फास्फोरस बमों के इस्तेमाल की खबर
इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान के सीमावर्ती कस्बे Naqoura पर भारी गोलाबारी की है। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी (NNA) के अनुसार, इस हमले में आर्टिलरी और सफेद फास्फोरस वाले गोलों का इस्तेमाल किया गया। यह घटना 22 मार्च 2026 की बताई जा रही है। इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और जमीनी लड़ाई की खबरें भी सामने आ रही हैं।
सफेद फास्फोरस के इस्तेमाल पर क्या हैं नियम?
सफेद फास्फोरस एक ऐसा पदार्थ है जो हवा के संपर्क में आते ही जलने लगता है और गहरा धुआं पैदा करता है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत, इसे घनी आबादी वाले नागरिक क्षेत्रों में इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है क्योंकि इससे आग लगने और लोगों के झुलसने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। हालांकि इसे रासायनिक हथियार नहीं माना जाता, लेकिन रिहायशी इलाकों में इसका अंधाधुंध उपयोग युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
लेबनान ने 2017 में इस पर नियंत्रण के लिए बने Protocol III को स्वीकार किया था, लेकिन इजरायल ने ऐसा नहीं किया है। इजरायली सेना का कहना है कि वे केवल धुएं के लिए इसका उपयोग करते हैं जो कानूनन गलत नहीं है। मानवाधिकार संगठनों ने पहले भी इजरायल पर लेबनान में इसके अवैध इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
युद्ध के मैदान में ताजा हालात और नुकसान का ब्यौरा
दक्षिण लेबनान में जमीनी लड़ाई और हवाई हमले काफी तेज हो गए हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि वे सीमावर्ती इलाकों में Hezbollah की आवाजाही रोकने के लिए पुलों और घरों को नष्ट करना जारी रखेंगे। ताजा अपडेट इस प्रकार हैं:
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| हमले की तारीख | 22 मार्च 2026 |
| कुल मौते (2 मार्च से) | 1,028 |
| कुल घायल (2 मार्च से) | 2,747 |
| ताजा हमले में हताहत | 4 मृत, 7 घायल |
| मुख्य प्रभावित इलाका | Naqoura और सीमावर्ती कस्बे |
Hezbollah ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए एक इजरायली Merkava टैंक को नष्ट करने का दावा किया है। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने इस युद्ध में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। इजरायल ने Litani नदी के पास के इलाकों को खाली करने का आदेश भी दिया है और वहां के पुलों को तोड़ने का फरमान सुनाया है।




