Kuwait News: कुवैत में जासूसी मामले की जांच तेज, खबरों के प्रकाशन पर लगी पूरी तरह पाबंदी
कुवैत की पब्लिक प्रोसेक्यूशन ने देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े दो बड़े जासूसी मामलों में मीडिया ब्लैकआउट का आदेश जारी किया है। अटार्नी जनरल Saad Al-Safran ने निर्देश दिया है कि इन मामलों की जांच पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इससे संबंधित किसी भी जानकारी को साझा नहीं किया जाएगा। यह फैसला जांच की निष्पक्षता बनाए रखने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियां और 11 प्रोसिक्यूटर्स की टीम लगातार काम कर रही है।
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मीडिया ब्लैकआउट के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
अटार्नी जनरल ने क्रिमिनल प्रोसीजर कानून के आर्टिकल 75 (2) का हवाला देते हुए मीडिया पर रोक लगाई है। इस आदेश के तहत किसी भी अखबार, वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जांच से जुड़ी बातें शेयर नहीं की जा सकेंगी। प्रशासन का मानना है कि जानकारी लीक होने से जांच प्रभावित हो सकती है और आरोपियों को फायदा मिल सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही कानूनी नियमों के अनुसार आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
जांच में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी संगठनों के साथ संदिग्ध संबंधों के आरोप में कई जगहों पर छापेमारी की है। इस ऑपरेशन के दौरान प्रशासन ने कोर्ट से वारंट लेकर संदिग्धों को गिरफ्तार किया और उनके पास से कई डिवाइस जब्त किए हैं।
- मुख्य टीमें: पब्लिक प्रोसिक्यूटर Meshaal Al-Ghannam और चीफ प्रोसिक्यूटर Talal Al-Abdulrazzaq इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
- मकसद: इस जांच का मुख्य उद्देश्य देश की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाली साजिशों का पर्दाफाश करना है।
- सजा का प्रावधान: अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को कुवैती कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।




