PM Modi West Asia Conflict: प्रधानमंत्री मोदी ने दी चेतावनी, भारत के लिए बढ़ सकती है मुश्किल, एकजुट रहने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में देश को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध पर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष की वजह से दुनिया के हालात लंबे समय तक खराब रह सकते हैं। पीएम ने सभी भारतीयों से एकजुट रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। सरकार ने साफ किया है कि भारत हर तरह की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और जरूरी चीजों की सप्लाई पर नजर रखी जा रही है।
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पश्चिम एशिया संकट से भारत पर क्या होगा असर?
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह संकट भारत के लिए कई नई चुनौतियां लेकर आया है। ऊर्जा सुरक्षा यानी Petrol-Diesel की सप्लाई को लेकर सरकार पहले से ही काम कर रही है। भारत ने अब तक 41 देशों से तेल मंगाने का इंतजाम कर लिया है ताकि संकट के समय देश में ईंधन की कमी न हो। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों और कोयले का भी पर्याप्त स्टॉक जमा कर लिया गया है ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
- किसानों को खाद और बीज की कमी नहीं होने दी जाएगी।
- कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य सरकारों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- सोने और चांदी की कीमतों में करीब 7 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई है।
- समुद्री रास्तों और Strait of Hormuz के जरिए होने वाले व्यापार पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए क्या है खास तैयारी?
खाड़ी देशों और युद्ध प्रभावित इलाकों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने बताया कि विदेश मंत्रालय और दूतावास लगातार वहां के हालात पर नजर रख रहे हैं। प्रवासियों की मदद के लिए 24/7 Helpline नंबर और Outreach Room बनाए गए हैं। सरकार उन देशों के प्रमुखों से भी संपर्क में है ताकि वहां काम करने वाले भारतीयों को सुरक्षित रखा जा सके।
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| Helpline | 24 घंटे चालू रहने वाले इमरजेंसी नंबर जारी |
| Advisory | भारतीयों के लिए समय-समय पर जरूरी दिशा-निर्देश |
| Energy Security | गैस और ईंधन की सप्लाई कम से कम प्रभावित होगी |
| Security | तटीय, सीमा और Cyber Security को किया गया मजबूत |




