Iran News Update: ईरान में 24 दिनों से इंटरनेट ब्लैकआउट, मिसाइल और ड्रोन हमलों से मचा हड़कंप
ईरान में पिछले 24 दिनों से इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप है। NetBlocks की रिपोर्ट के अनुसार, यह ईरान के इतिहास का सबसे लंबा इंटरनेट ब्लैकआउट है जो 528 घंटों से अधिक समय से जारी है। अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से जवाबी कार्रवाई की है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) में युद्ध अपराधों की जांच के लिए याचिका दायर की है।
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ईरान में इंटरनेट बंद और हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी क्या है?
ईरान में डिजिटल शटडाउन के कारण आम जनता का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया है। नेटब्लॉक्स का कहना है कि यह अब तक का सबसे गंभीर ब्लैकआउट है। युद्ध के कारण नागरिक सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।
- मार्च 23 तक इंटरनेट ब्लैकआउट अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
- अमेरिकी और इजरायली हमलों में लगभग 81,365 नागरिक ठिकाने क्षतिग्रस्त हुए हैं।
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइल और ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है।
- इजरायली सेना ने ईरान की तरफ से आ रही मिसाइलों को रोकने की पुष्टि की है।
- सऊदी अरब ने भी अपने पूर्वी क्षेत्र में चार ड्रोन मार गिराने की सूचना दी है।
- खुर्रमाबाद में एक आवासीय इमारत पर हमले में एक बच्चे की मौत की खबर है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संकट का क्या असर हो रहा है?
G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान के इन हमलों को गैर-जिम्मेदाराना बताया है और इसकी निंदा की है। ईरान के सांसद अलाउद्दीन बोरुजेर्दी ने कहा है कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले कुछ जहाजों से 2 मिलियन डॉलर का शुल्क लिया जा रहा है। ईरानी मीडिया ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के बिजली स्टेशनों पर हमला हुआ, तो वे पूरे क्षेत्र की बिजली काट देंगे क्योंकि क्षेत्र के 70-80 प्रतिशत पावर प्लांट उनकी मिसाइलों की जद में हैं। रेड क्रेसेंट ने ICC से मांग की है कि नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों की तुरंत जांच की जाए।




