West Asia Conflict: 3.75 लाख भारतीय अब तक लौटे वतन, UAE से आज चलेगी 95 स्पेशल Flights
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयासों पर बड़ी जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) के संयुक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि 28 फरवरी 2026 से अब तक लगभग 3,75,000 यात्री भारत लौट चुके हैं। सुरक्षा और ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए UAE और भारत के बीच सीमित और गैर-अनुसूचित (non-scheduled) उड़ानों का संचालन किया जा रहा है ताकि वहां फंसे भारतीयों को घर लाया जा सके।
विमान सेवाओं और यात्रियों की वापसी का ताजा स्टेटस क्या है?
खाड़ी देशों से भारतीयों को निकालने के लिए सरकार और एयरलाइंस मिलकर काम कर रही हैं। सोमवार, 23 मार्च 2026 को UAE के अलग-अलग एयरपोर्ट से भारत के लिए करीब 95 उड़ानों के संचालित होने की उम्मीद है। इसके अलावा ओमान और सऊदी अरब से भी विमान सेवाएं जारी हैं। हालांकि, कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है, इसलिए वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब के रास्ते लाने में मदद की जा रही है। कतर एयरवेज भी सोमवार को भारत के लिए 8 से 10 विशेष कमर्शियल उड़ानें संचालित करेगा।
अन्य प्रभावित इलाकों से भारतीयों को निकालने की तैयारी कैसी है?
विदेश मंत्रालय ने अलग-अलग क्षेत्रों में फंसे भारतीयों के लिए विस्तृत व्यवस्था की है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
- Northern Sector: ईरान से कुल 913 भारतीय अर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते सुरक्षित बाहर निकले हैं, जिनमें से कई वापस भारत पहुंच चुके हैं।
- Seafarers: समुद्री क्षेत्र में तैनात सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं। अब तक 547 से ज्यादा नाविकों को वापस लाया गया है।
- Kuwait & Bahrain: इन देशों में फंसे नागरिकों को जजीरा एयरवेज के जरिए सऊदी अरब के अल कयसुमा-हफर अल बातिन एयरपोर्ट से लाया जा रहा है।
- Casualties: इस संघर्ष में अब तक 6 भारतीयों की जान गई है और एक नागरिक लापता बताया गया है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और इस संघर्ष के प्रभावों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर चर्चा की है। सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल सुरक्षित निकासी और नागरिकों की मदद पर है।




