अमेरिकी सेना का बड़ा दावा, ईरान में अब तक 9,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर की बमबारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में बड़ी कामयाबी का दावा किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ईरान के 9,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसमें मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियां भी शामिल हैं। एडमिरल Brad Cooper ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह से योजना के मुताबिक चल रहा है और ईरान की सैन्य शक्ति को काफी नुकसान पहुँचा है।
अमेरिका ने ईरान में किन ठिकानों को बनाया निशाना?
अमेरिकी सेना के अनुसार, उनका मुख्य मकसद ईरान की सैन्य ताकत को कम करना है। इसमें खास तौर पर उन जगहों को तबाह किया गया है जहां से घातक ड्रोन और मिसाइलें बनाई जाती हैं। 23 मार्च 2026 को CENTCOM ने एक टरबाइन इंजन फैक्ट्री को नष्ट करने की घोषणा की है। इस फैक्ट्री के इंजन का इस्तेमाल Revolutionary Guard Corps द्वारा हमलावर ड्रोन बनाने में किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की हमला करने की क्षमता को कमजोर करने के लिए जरूरी है।
ईरान युद्ध और ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य जानकारियां
अमेरिकी सेना और ईरान के बीच चल रहे इस संघर्ष में अब तक कई बड़े आंकड़े सामने आए हैं। इसे विस्तार से समझने के लिए नीचे दी गई जानकारी देखें:
- ऑपरेशन का नाम: अमेरिकी सेना इस सैन्य अभियान को ‘Operation Epic Fury’ के तहत चला रही है।
- सैन्य ठिकाने: अब तक 8,000 से 9,000 के बीच ईरानी ठिकानों पर भीषण बमबारी की गई है।
- हवाई हमले: अमेरिकी वायुसेना ने अब तक 8,000 से ज्यादा कॉम्बैट सॉर्टीज़ यानी जंगी उड़ानें भरी हैं।
- नौसेना को नुकसान: हमलों में लगभग 130 ईरानी जहाजों को नष्ट किया गया है, जिसे बड़ी सैन्य उपलब्धि माना जा रहा है।
- युद्ध की शुरुआत: अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ यह संघर्ष फरवरी 2026 के आखिरी हफ्ते में शुरू हुआ था।
एडमिरल Brad Cooper ने एक इंटरव्यू में बताया कि ईरान ने हताशा में आकर पिछले कुछ हफ्तों में मिडिल ईस्ट के कई नागरिक इलाकों पर 300 से अधिक हमले किए हैं। हालांकि, अमेरिकी कमांड ने साफ किया है कि उनकी योजना के मुताबिक ईरान के हथियारों के जखीरे को नष्ट करने का काम जारी रहेगा। फिलहाल अमेरिका ने ईरान के ऊपर किसी लड़ाकू विमान के गिरने की खबरों को गलत बताया है।




