Elon Musk की Tesla भारत के Energy Sector में रखेगी कदम, Adani और Tata को मिलेगी कड़ी चुनौती
एलन मस्क की कंपनी टेस्ला अब भारत के इलेक्ट्रिक कार बाजार के बाद एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी की वेबसाइट पर बिजनेस डेवलपमेंट लीड के पदों के लिए निकली नियुक्तियों ने इस बात की पुष्टि की है। टेस्ला भारत में बड़े उद्योगों के लिए ग्रिड-लेवल सिस्टम और घरेलू इस्तेमाल के लिए छोटे बैटरी स्टोरेज सिस्टम तैयार करेगी। इस कदम से भारत के एनर्जी मार्केट में रिलायंस, टाटा और अडानी ग्रुप जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ टेस्ला की सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।
टेस्ला भारत में क्या-क्या सर्विस लेकर आएगी?
टेस्ला की योजना भारत में अपने दो मुख्य प्रोडक्ट मेगापैक और पावरवॉल को पेश करने की है। मेगापैक का इस्तेमाल बड़े ग्रिड प्रोजेक्ट्स और यूटिलिटी स्केल स्टोरेज के लिए किया जाता है, जबकि पावरवॉल घर के इस्तेमाल के लिए एक बैटरी सिस्टम है। कंपनी का लक्ष्य इलेक्ट्रिक कारों पर अपनी निर्भरता कम करना और बैटरी स्टोरेज बिजनेस का विस्तार करना है। मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार टेस्ला ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपनी योजनाओं का खुलासा नहीं किया है लेकिन भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अडानी, टाटा और रिलायंस की क्या है तैयारी?
भारतीय दिग्गज कंपनियां इस सेक्टर में पहले से ही भारी निवेश कर चुकी हैं। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने गुजरात में क्लीन एनर्जी हब बनाने के लिए 75 अरब डॉलर से ज्यादा के निवेश का लक्ष्य रखा है। टाटा पावर भी क्लीन एनर्जी सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रही है और कंपनी आंध्र प्रदेश में करीब 5.6 अरब डॉलर का निवेश करने वाली है। अडानी ग्रुप भी बैटरी स्टोरेज मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।
भारत का लक्ष्य और कंपनियों का रोडमैप
| कंपनी/संस्थान | मुख्य लक्ष्य और निवेश |
|---|---|
| भारत सरकार | 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता का लक्ष्य |
| Reliance Industries | 2030 तक 100 GW सोलर क्षमता हासिल करना |
| Tata Power | 2030 तक रिन्यूएबल सोर्स से 70% बिजली उत्पादन |
| Tesla India | मेगापैक और पावरवॉल स्टोरेज सिस्टम की एंट्री |




