India CCTV Security Update: देशभर के CCTV कैमरों की होगी जांच, पाकिस्तान डेटा भेजने वाले गिरोह पर बड़ा एक्शन
भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। गाजियाबाद में CCTV कैमरों का डेटा पाकिस्तान भेजे जाने की घटना के बाद अब पूरे देश में लगे कैमरों की जांच के आदेश दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों की पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे अपने इलाकों में लगे नेटवर्क का ऑडिट करें। इसका मुख्य उद्देश्य देश की संवेदनशील जगहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अवैध रूप से लगे कैमरों को हटाना है।
👉: Elon Musk की Tesla भारत के Energy Sector में रखेगी कदम, Adani और Tata को मिलेगी कड़ी चुनौती।
क्या है गाजियाबाद जासूसी मामला और अब तक कितनी हुई गिरफ्तारियां?
गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसे मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है जो भारत के महत्वपूर्ण सैन्य रास्तों और सैनिकों की आवाजाही की लाइव वीडियो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को भेज रहा था। इस मामले में अब तक 17 से 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह के मुख्य सदस्यों में नौशाद अली और सोहैल मलिक शामिल हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि इन लोगों ने दिल्ली और सोनीपत जैसे बड़े रेलवे स्टेशनों के पास अपने खुद के सोलर पावर वाले कैमरे लगाए थे ताकि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को सीधे जानकारी मिल सके।
CCTV कैमरों के लिए सरकार के नए नियम और सुरक्षा मानक
भारत सरकार ने 9 अप्रैल 2025 से सीसीटीवी कैमरों की बिक्री और निर्माण के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब किसी भी कंपनी को कैमरा बाजार में उतारने से पहले उसका हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सरकारी लैब में चेक कराना होगा। देश में सुरक्षा को लेकर कुछ मुख्य चिंताएं इस प्रकार हैं:
- चीन का दबदबा: भारत में इस्तेमाल होने वाले 80 प्रतिशत कैमरे चीन में बने हैं, जिससे डेटा चोरी का डर बना रहता है।
- कमजोर सुरक्षा: कई कैमरों में एन्क्रिप्शन की कमी होती है, जिससे उन्हें आसानी से हैक किया जा सकता है।
- विदेशी सर्वर: गाजियाबाद मामले में पाया गया कि डेटा विदेशी सर्वर के जरिए भेजा जा रहा था।
- अंतरराष्ट्रीय पाबंदी: अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने सुरक्षा कारणों से चीनी कैमरों पर पहले ही रोक लगा दी है।
जांच के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में केवल वही कैमरे इस्तेमाल किए जाएं जो भारतीय सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हों।




