J&K के शिया मुस्लिमों ने ईरान की मदद के लिए दान किया सोना और बचत, बच्चों ने भी दिए अपने गुल्लक
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के चंद्रकोट इलाके में शिया समुदाय के लोगों ने युद्ध से प्रभावित ईरान की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। यहां के लोगों ने अपनी जमा पूंजी, गहने और बर्तन तक दान में दे दिए हैं। इस अभियान में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मानवीय सहायता के लिए एकजुटता दिखाई।
📰: Trump के ईरान वाले बयान से गिरा तेल का भाव, घोषणा से ठीक पहले बाज़ार में हुई 500 मिलियन डॉलर की हलचल।
दान में लोगों ने क्या-क्या सामान दिया?
स्थानीय लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार अलग-अलग चीजें दान की हैं। इसमें नकद राशि के साथ-साथ महिलाओं ने सोने और चांदी के गहने दिए। बच्चों ने अपने गुल्लक तोड़कर जमा किए पैसे दिए और कुछ परिवारों ने घरेलू बर्तन और पशु तक दान कर दिए। यह अभियान सिर्फ रामबन तक सीमित नहीं रहा बल्कि बडगाम और बारामुला जैसे इलाकों में भी बड़े स्तर पर चलाया गया।
इस अभियान से जुड़ी मुख्य बातें और आधिकारिक अपडेट
- भारत में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया पर इस मदद के लिए कश्मीर के लोगों का आभार जताया है।
- विधायक मुंतज़िर मेहदी ने अपना एक महीने का वेतन ईरान के राहत कार्यों के लिए देने का ऐलान किया।
- बडगाम के मस्जिद इमाम ज़मान और चंद्रकोट के इमामबाड़ा को कलेक्शन सेंटर बनाया गया था।
- दान में मिली सामग्री को ईरान के दूतावास जैसे आधिकारिक राहत संगठनों के माध्यम से भेजा जाएगा।
- छात्रों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह एक मानवीय कार्य है और मुश्किल समय में साथ खड़े होना जरूरी है।





