मध्य पूर्व में भारी तनाव: ईरान ने दागे मिसाइल, इज़राइल के तेल अवीव में बजे सायरन, कुवैत और सऊदी में भी अलर्ट
24 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से इज़राइल पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए गए। इसके बाद तेल अवीव और मध्य इज़राइल के बड़े हिस्से में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इज़राइली सेना ने बताया कि ईरान से दागी गई मिसाइलों को उनके डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोका। इस तनाव का असर खाड़ी के अन्य देशों पर भी पड़ा है, जहाँ सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं।
🚨: इजरायल के तेल अवीव में ईरान की मिसाइलों से जोरदार धमाके, 15 लोग घायल और कई इमारतें तबाह।
मिसाइल हमलों से इज़राइल और खाड़ी देशों में क्या हुआ?
ईरान द्वारा किए गए इस हमले के बाद इज़राइल के कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। तेल अवीव में मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने की आवाज़ें सुनी गईं और मलबे गिरने से कुछ इमारतों को नुकसान पहुँचा है। खाड़ी क्षेत्र में इस युद्ध का असर कुछ इस तरह रहा:
- सऊदी अरब: सऊदी सेना ने अपने पूर्वी प्रांत की ओर बढ़ रहे 19 ईरानी ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया।
- कुवैत: कुवैत में एयर डिफेंस के मलबे से बिजली की लाइनों को नुकसान पहुँचा, जिससे कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई।
- बहरीन: बहरीन में भी मिसाइल अलर्ट के सायरन बजाए गए।
- हाइफा और उत्तर इज़राइल: यहाँ क्लस्टर बम गिरने से घरों को नुकसान पहुँचा है, हालांकि किसी की जान जाने की खबर नहीं है।
अमेरिका और इज़राइल की अगली रणनीति क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा और बिजली स्टेशनों पर होने वाले अमेरिकी हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया है। ट्रंप ने कहा कि उनकी ईरान के अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है और वे मामले का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं। दूसरी ओर, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि इज़राइल ईरान और लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा। इज़राइली सेना ने लेबनान में हिज़बुल्ला के ठिकानों पर भी हमले किए हैं और दो सदस्यों को हिरासत में लिया है। ईरान की सेना IRGC ने इस पूरे मिशन को ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ का नाम दिया है और कहा है कि उनके निशाने पर इज़राइली और अमेरिकी ठिकाने थे।





