Iran में गैस पाइपलाइन और प्लांट पर US-Israeli हमला, Trump के शांति के वादे के कुछ ही घंटों बाद मचा हड़कंप
Iran में एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है क्योंकि 24 मार्च 2026 को US और Israel की सेनाओं ने ईरान के दो गैस प्लांट और एक पाइपलाइन को अपना निशाना बनाया है। यह हमला काफी चौंकाने वाला है क्योंकि यह US President Donald Trump के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुआ जिसमें उन्होंने ऊर्जा के ठिकानों पर हमला न करने की बात कही थी। ईरानी मीडिया के अनुसार, इन हमलों से काफी आर्थिक नुकसान हुआ है और अब पूरे Middle East में युद्ध का खतरा और गहरा गया है।
किन इलाकों में हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?
ईरानी मीडिया Fars News Agency के मुताबिक, Isfahan शहर के कावेह स्ट्रीट पर स्थित एक गैस प्रशासन भवन और प्रेशर रिडक्शन स्टेशन पर हमला हुआ है। इसके अलावा Khorramshahr में एक पावर स्टेशन से जुड़ी गैस पाइपलाइन को भी निशाना बनाया गया। अच्छी बात यह रही कि Isfahan में हमले से पहले ही स्टेशन को ऑफलाइन कर दिया गया था, जिससे कोई बड़ा विस्फोट नहीं हुआ। हालांकि, पास के रिहायशी इलाकों में नुकसान की खबरें आई हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।
हमलों के बाद क्या है मौजूदा स्थिति और चेतावनियां?
इन हमलों के बाद ईरान के अधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और बड़े जवाबी हमले की चेतावनी जारी की है। Iran की IRGC ने कहा है कि उनका जवाब केवल हमलावरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र में मौजूद US के मिलिट्री बेस भी निशाने पर होंगे। वहीं Israeli PM Benjamin Netanyahu ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान और उससे जुड़े समूहों के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखेंगे। इस बीच क्षेत्र के अन्य देशों में भी हलचल देखी जा रही है क्योंकि युद्ध का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
पिछले 24 घंटों के बड़े सैन्य घटनाक्रम
मिडिल ईस्ट में स्थिति तेजी से बदल रही है और पिछले 24 घंटों में कई जगहों पर धमाके और हमले हुए हैं जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
| स्थान | घटना की जानकारी |
|---|---|
| Isfahan (ईरान) | गैस प्रशासन भवन और स्टेशन पर हमला |
| Khorramshahr (ईरान) | गैस पाइपलाइन के पास धमाका |
| Jerusalem/Dimona (इजराइल) | ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलें गिरीं |
| South Lebanon (लेबनान) | इजराइल द्वारा एक गैस स्टेशन पर हमला |
| West Iraq (इराक) | Hashed al-Shaabi के लड़ाकों पर हवाई हमला |
US Central Command (CENTCOM) ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि US सेना केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को ही सटीक हथियारों से निशाना बना रही है। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने चेतावनी दी है कि अगर उनके पावर प्लांट को निशाना बनाया गया, तो पूरे मिडिल ईस्ट के ऊर्जा ठिकानों को ऐसा नुकसान होगा जिसकी भरपाई संभव नहीं होगी।




